छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय के परासिया मार्ग स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कटर और हथौड़ों से लैस लुटरे ने डकैती का दुस्साहसिक प्रयास किया। शनिवार का अवकाश होने के कारण बैंक बंद था, जिसका फायदा उठाकर रात में बदमाश शटर काटकर अंदर घुस गया। हालांकि, स्थानीय लोगों की मुस्तैदी और कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लुटेरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। खुद को घिरा देख एक आरोपी ने पुलिस पर ताबड़तोड़ सुतली बम फेंककर पूरे बैंक को धुएं के गुबार में बदल दिया और रिकॉर्ड रूम में आग लगा दी। इस खूनी ड्रामे में उप निरीक्षक नारायण बघेल घायल हो गए, लेकिन उन्होंने खून बहने के बाद भी आरोपी को दबोचे रखा। बैंक में रखा करोड़ों का सोना और कैश पूरी तरह सुरक्षित है।
शटर काटकर बैंक में दाखिल हुए लुटेरे
जानकारी के अनुसार, शनिवार को बैंक में अवकाश था और मौके पर कोई सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं था। सूनेपन का फायदा उठाकर बदमाशों ने कटर से बैंक का मुख्य शटर काटा और अंदर दाखिल हो गए। आरोपी अपने साथ गैस कटर, हथौड़ा, छैनी और भारी मात्रा में रस्सी बम लेकर आए थे। मगर बदमाशों की किस्मत खराब थी कि शटर काटने के दौरान आसपास के कुछ स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की नजर उन पर पड़ गई। संदिग्ध गतिविधियां और टूटा शटर देखकर लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम बिना सायरन बजाए जाल बिछाते हुए मौके पर पहुंची और बैंक को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही कोतवाली पुलिस की टीम ने बैंक के भीतर प्रवेश करने का प्रयास किया, वैसे ही अंदर मौजूद मुख्य आरोपी बौखला गया। खुद को पुलिस से घिरा देख उसने भागने का रास्ता बनाने के लिए पुलिस टीम पर एक के बाद एक कई रस्सी बम फेंके। जोरदार धमाकों के साथ पूरा बैंक परिसर धुआं-धुआं हो गया। इसी बीच, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से बैंक के रिकॉर्ड रूम और महत्वपूर्ण फाइलों वाले हिस्से में आग लगा दी, जिससे चारों तरफ धुंध छा गई।
एसआई पर किया हमला
धमाका करने के बाद आरोपी धुएं का फायदा उठाकर बाहर की तरफ भागा। घात लगाए खड़े उप निरीक्षक (SI) नारायण बघेल ने जब उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो आरोपी ने अपने पास छिपे नुकीले हथियार से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला एसआई के हाथ पर लगा, जिससे गहरा जख्म हो गया और तेजी से खून बहने लगा। इसके बावजूद, जांबाज अधिकारी ने साहस नहीं खोया और दर्द को दरकिनार करते हुए साथी पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को जमीन पर पटक कर दबोच लिया। मौके पर मौजूद आम जनता ने पुलिस की इस बहादुरी की जमकर सराहना की।
बैंक में रखा सोना और कैश सुरक्षित
एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस को संदेह था कि उसका दूसरा साथी भी बैंक के भीतर ही छिपा हो सकता है। इसके बाद सीएसपी छिंदवाड़ा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने बैंक के अंदर करीब डेढ़ घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। बैंक के हर कमरे, स्टोर रूम, रिकॉर्ड सेक्शन और छत की तलाशी ली गई। बैंक प्रबंधन और अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए स्पष्ट किया है कि स्ट्रॉन्ग रूम, लॉकर में रखा सोना और सारा कैश पूरी तरह सुरक्षित है। लुटेरे लॉकर तोड़ने की कोशिश तो कर रहे थे, लेकिन वे उसे छू भी नहीं पाए।
मौके पर पहुंचे एसपी अजय पांडे
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अजय पांडे और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ आनंद तिवारी और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल का बारूदी मुआयना किया। टीम ने जले हुए दस्तावेजों के अवशेष, ज्वलनशील पदार्थ के नमूने और रस्सी बम के टुकड़े जब्त किए हैं। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपियों ने इस रेकी की शुरुआत कब से की थी। कोतवाली थाना प्रभारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं।
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