मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 9 जून से शुरू हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और इस पूरे 5 दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा भी बताई है। शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि इंदौर में मंगलवार से शुरू हो रही ब्रिक्स देशों की पांच दिवसीय बैठक में खाद्य सुरक्षा, स्मार्ट कृषि, वैश्विक कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
12-13 जून को कृषि मंत्रियों की होगी बैठक
शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को हुई कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह (एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप) की बैठक और 12-13 जून को ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक होगी। जहां खेती में नवाचार और लाभ बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इस खास मौके पर कहा, 'दुनिया की लगभग आधी आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है। वैश्विक कृषि भूमि का 42 प्रतिशत हिस्सा इन देशों में है और कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। दुनिया के 58 करोड़ किसानों में से 70 प्रतिशत छोटे किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं।'
पहले तीन बार भारत ने किया प्रतिनिधित्व
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के बीच सहमति बनने के बाद एक संयुक्त घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा। चौहान ने कहा कि भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स बैठकों की अध्यक्षता कर चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले महीने इंदौर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाली यह बैठक वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगी और दुनिया को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि संयोग से यह बैठक मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ऐसे समय हो रही है, जब राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित किया है।
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