भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर सोमवार को हुए वाटर कैनन और लाठीचार्ज के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में दोषी पाए गए दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इनमें आरक्षक कृष्ण दत्त शिवहरे और सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। पुलिस की कार्रवाई से जूडा और एमटीए संगठन ने संतोष जताया है। इंटर्न डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई के बाद उनके स्टाइपेंड को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है।
7 हजार रुपये की हुई बढ़ोतरी
सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी करने पर सहमति जताई है। इसके बाद स्टाइपेंड करीब 21,500 रुपये किए जाने की बात सामने आई है। यानी मौजूदा स्टाइपेंड में करीब 7 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी।
खत्म हुई हड़ताल
तीन दिन चले धरने प्रदर्शन के बाद खत्म इंटर्न की हड़ताल खत्म हो गई। छात्रों ने सीएम हाउस से 100 मीटर धरना स्थल वाली सड़क को खाली कर दिया है। सड़क का रास्ता खुल गया है। आवाजाही शुरू हो गई है। राहगीरों को 2 दिन हुई परेशानी पर इंटर्न डॉक्टरों ने माफी भी मांगी है। साथ ही 50 फीसदी स्टाइपेंड बढ़ने पर इंटर्न डॉक्टरों ने खुशी जताई है। स्टाइपेंड 14337 से बढ़कर अब तकरीबन 21500 हो जाएगा।
डिप्टी सीएम से मिला था प्रतिनिधिमंडल
इस मामले को लेकर इंटर्न डॉक्टर, एमपीए और जूडा संगठन का प्रतिनिधिमंडल डिप्टी सीएम से मिला था। मंत्रालय में हुई मुलाकात के दौरान स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर आश्वासन दिया गया। इसके बाद सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया।
दो पुलिसकर्मियों को किया गया लाइन अटैच
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार की घटना को दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि छात्र कैंपस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और उनके साथ जो हुआ, उससे मुख्यमंत्री भी नाराज थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीनियर अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई की और दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर पहले से चर्चा चल रही थी, लेकिन यह कब बढ़ाया जाएगा, यह तय नहीं था। छात्रों के साथ हुई घटना के बाद अब इस पर फैसला लिया गया है।
नहीं की जाएगी किसी भी तरह की कार्रवाई
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि डॉक्टर ग्रामीण इलाकों में सेवा देते हैं तो उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने और लोगों को बेहतर समझने का अनुभव मिलता है।
सीएम के निर्देश पर लिया गया फैसला
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेश में रहने के बावजूद लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद इंटर्न डॉक्टरों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
ये भी पढ़ें: