रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की एक अदालत ने वर्ष 2020 में लूट के दौरान एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त लोक अभियोजक समर्थ पाटीदार ने शनिवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने अनुराग उर्फ बॉबी परमार (33), गौरव उर्फ गोलू बिलवाल (29) और लाला उर्फ भारत भाभोर (27) को दोषी ठहराते हुए तीनों हत्याओं के लिए अलग-अलग आजीवन कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई।
मुठभेड़ में मारा गया था चौथा आरोपी
पाटीदार ने बताया कि अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। मामले का चौथा आरोपी दिलीप देवल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 नवंबर 2020 की रात देव दीपावली के दौरान राजीव नगर क्षेत्र स्थित अपने घर में गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा और पुत्री दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना का खुलासा अगले दिन तब हुआ, जब परिवार की किरायेदार ज्वेलिका उनका हालचाल जानने पहुंची। पाटीदार ने बताया कि पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से मामले का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि आरोपियों को रतलाम और पड़ोसी राज्य गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। अभियोजक के अनुसार, पुलिस टीम के करीब पहुंचने पर देवल ने गोलीबारी की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह मारा गया। उसके रतलाम स्थित किराए के मकान की तलाशी के दौरान एक तमंचा, कारतूस, आभूषण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।
इन सबूतों के आधार पर हुआ फैसला
अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, डीएनए और बैलिस्टिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, हथियारों की बरामदगी, खून से सने कपड़े, लूटे गए आभूषणों तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 गवाह पेश किए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूट के लिए देव दीपावली की रात इसलिए चुनी थी क्योंकि उन्हें लगा था कि पटाखों के शोर में गोलियों की आवाज दब जाएगी। हालांकि पुलिस ने आखिर में तीनों आरोपियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेरते हुए इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। अब आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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