मुंबई: मुंबई की पवई झील के पास एक रिहायशी इलाके में मगरमच्छ मिला है। मगरमच्छ कारों के नीचे छिपा हुआ था। जैसे ही लोगों ने मगरमच्छ को रिहायशी इलाके में देखा तो हड़कंप मच गया और लोगों के बीच दहशत फैल गई। आनन फानन में वन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने मगरमच्छ को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह पर छोड़ा।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई की पवई झील के पास रिहायशी इलाके में भटके मगरमच्छ को बचा लिया गया है। दरअसल पवई झील के पास मोरारजी नगर में एक दरगाह के पास करीब सात फुट लंबा मगरमच्छ देखा गया, जिससे वहां के लोगों में दहशत फैल गई। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को तुरंत अलर्ट किया गया, जिसके बाद एक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने बताया कि एक ज्वाइंट ऑपरेशन में, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को बिना कोई चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ लिया। इस रेंगने वाले जीव का अभी मेडिकल चेकअप चल रहा है, और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हेल्थ चेकअप के बाद इसे वापस उसके नैचुरल हैबिटैट में छोड़ दिया जाएगा।
मगरमच्छ कितने खतरनाक होते हैं?
मगरमच्छ इंसानों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनमें कई प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जिसमें नाइल मगरमच्छ, सॉल्टवाटर मगरमच्छ और मगर सबसे खतरनाक में से एक हैं। अफ्रीका में सबसे घातक मगरमच्छ नाइल प्रजाति के होते हैं। यह इंसानों को अपना शिकार समझते हैं और उन्हें अपना निवाला बनाते हैं।
सॉल्टवाटर मगरमच्छ दुनिया का सबसे बड़ा मगरमच्छ होता है और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। इनका शरीर 6 मीटर तक का हो सकता है। भारत और पाकिस्तान में आमतौर पर मगर पाए जाते हैं। भारत में ज्यादातर इंसानों पर मगरमच्छों के हमले मगर के द्वारा ही होते हैं।
मगरमच्छ का काटने का बल ~3700 PSI (कुछ अनुमानों में नाइल का 5000 PSI तक) होता है, जो एक बार पकड़ ले तो छुड़ाना नामुमकिन होता है। इनका आकार काफी बड़ा होता है और ये पानी में छिपे रहकर अचानक हमला करते हैं। इनसे बचाव का एक ही उपाय है कि मगरमच्छ वाले इलाकों (नदियां, झीलें, तालाब) में पानी में न उतरें।
ये भी पढ़ें-
राजस्थान: कोटा की सड़क पर मॉर्निंग वॉक करने निकल पड़ा मगरमच्छ! लोगों का छूटा पसीना, देखें VIDEO