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मुंबई यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव में आदित्य ठाकरे के नेतृत्व वाली युवा सेना ने ABVP को दी करारी मात, जीत ली सभी सीटें

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 28, 2024 03:43 pm IST,  Updated : Sep 28, 2024 04:12 pm IST

मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना से जुड़े छात्र संगठन युवा सेना को बड़ी जीत मिली है। युवा सेना ने सभी 10 सीटें जीत ली हैं।

जश्न मनाते आदित्य ठाकरे- India TV Hindi
जश्न मनाते आदित्य ठाकरे Image Source : ANI

मुंबई: आदित्य ठाकरे के नेतृत्व वाली युवा सेना ने मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है। युवा सेना के सभी 10 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की जबकि भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित अन्य सभी संगठनों का खाता तक नहीं खुला। शुक्रवार को मुंबई विश्वविद्यालय के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सीनेट चुनाव में आदित्य ठाकरे के नेतृत्व वाली युवा सेना ने सभी सीटें जीत ली। जानकारी के अनुसार, मयूर पांचाल ने ओबीसी वर्ग तो शीतल देवरुखकर सेठ ने एससी वर्ग में जीत हासिल की। डॉ. धनराज कोहरचड़े ने एसटी वर्ग तो स्नेहा गवली ने महिला वर्ग में जीत हासिल की। जबकि शशिकांत जोरे को एनसी वर्ग में जीत मिली।

एबीवीपी समेत अन्य संगठनों का खाता तक नहीं खुला

इस जीत का मातोश्री में जश्न मनाया गया। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस चुनाव में बीजेपी से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित अन्य सभी संगठनों का सफाया हो गया। यह सब वफादार शिवसैनिकों के कारण हुआ। आप सभी ने दिखाया है कि वफादारी का क्या मतलब है। हम छात्रों की सेवा करना जारी रखेंगे।

28 उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में

इस चुनाव में कुल 28 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें एबीवीपी के 10 उम्मीदवार शामिल थे। जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। इसके एक सदस्य ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। एक अन्य छात्र संगठन छत्रभारती से भी 4 उम्मीदवार मैदान में थे। 13,406 मतदाताओं में से 55% ने छात्रों ने मतदान किया था। 

आदित्य ठाकरे ने किया ये दावा

पिछला चुनाव 2018 में हुआ था जब शिवसेना का विघटन नहीं हुआ था। पिछले दो चुनावों  2010 और 2018 की तुलना में मतदाताओं की संख्या कम थी। मीडिया से बात करते हुए आदित्य ने सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीनेट चुनाव सिर्फ शुरुआत है विधानसभा चुनाव में एमवीए भी जीतेगा और हमारी सरकार बनेगी।

निर्वाचित सदस्यों को मिलेंगे ये अधिकार

सीनेट मुंबई विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निर्वाचित निर्णय लेने वाला निकाय और निगरानी संस्था है जिसमें शिक्षकों, प्राचार्यों और कॉलेज प्रबंधन के साथ-साथ पंजीकृत स्नातकों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसे विश्वविद्यालय का बजट पारित करने का अधिकार है। नवंबर में होने वाले संभावित राज्य विधानसभा चुनाव से पहले आए ये परिणाम आश्चर्यजनक नहीं हैं, क्योंकि शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल परब ने जुलाई में हुए महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के चुनाव में मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी।

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