कोल्हापुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल का कार्यकाल सिर्फ एक शुरुआत है और आने वाले कई वर्षों तक देश में BJP और NDA का शासन रहेगा। उन्होंने यह बात महाराष्ट्र के कोल्हापुर और इचलकरंजी में आयोजित जनसभाओं और विभिन्न विकास कार्यक्रमों के दौरान कही। कोल्हापुर में देवी अंबाबाई मंदिर गलियारा परियोजना की शुरुआत करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, 'जब स्वतंत्र भारत का इतिहास लिखा जाएगा तो PM मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल का अध्याय एक पुनरुत्थानशील भारत के निर्माण और दुनियाभर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए दर्ज किया जाएगा।'
'PM मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल सिर्फ एक शुरुआत है'
केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा, 'मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल केवल एक शुरुआत है। आने वाले कई वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का शासन रहेगा।' शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई काम हुए जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में विकास कार्य तथा सोमनाथ और कामाख्या मंदिरों से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के तहत सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है।
'ऐसी जगहों पर 1500 करोड़ रुपये खर्च करना बड़ी बात नहीं'
शाह ने कोल्हापुर स्थित अंबाबाई मंदिर गलियारे को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 28,058 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। सातवीं शताब्दी के इस ऐतिहासिक मंदिर को आधुनिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था, एलईडी लाइटिंग, विरासत दीर्घाएं, लाइट एंड साउंड शो, बहुउद्देश्यीय सभागार और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही महालक्ष्मी मंदिर और आसपास के 41 मंदिरों के संरक्षण का कार्य पुरातत्व विभाग के परामर्श से किया जाएगा। शाह ने कहा,
'जिन स्थानों में हमारा इतिहास, धर्म और संस्कृति बसती है, उनपर 1500 करोड़ रुपये खर्च करना कोई बड़ी राशि नहीं है। ऐसे स्थान पूरे देश को प्रेरणा देते हैं।'
'पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है'
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शाह ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों के लिए 1500 करोड़ रुपये की नई परियोजना कोल्हापुर में स्थापित की जाएगी, जिससे एथेनॉल इकाइयों में समस्या न होने वाली मिलों को प्रसंस्करण में मदद मिलेगी और लाभ उन्हीं को वापस मिलेगा। शाह ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और कहा कि उनके कार्यकाल में भारत ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है जिनमें बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर और अंतरिक्ष तकनीक शामिल हैं।
'सेना का आधुनिकीकरण हुआ, देश में बनाई जा रही मिसाइलें'
केंद्रीय गृह मंत्री ने चंद्रयान-3 मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 'शिव शक्ति बिंदु' स्थापित कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शाह ने उरी, पुलवामा और पहलगाम हमलों के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि सेना का आधुनिकीकरण हुआ है और अब देश में मिसाइलों का निर्माण भी हो रहा है।
'भारत कोई धर्मशाला नहीं है, यहां सिर्फ इसी देश के लोग रहेंगे'
शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस ने 60,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए थे, जबकि मोदी सरकार ने 22 किस्तों के जरिए किसानों के खातों में कुल 4,28,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। इसके अलावा 46,000 करोड़ रुपये के करों में राहत भी दी गई है। शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा,
'कोल्हापुर की इस पवित्र भूमि से मैं पूरे विश्वास के साथ देशवासियों से कहना चाहता हूं कि बंगाल के लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया है। हम उनके विश्वास के ऋणी हैं और एक-एक घुसपैठिये की पहचान करके उसे देश से बाहर निकालकर इस ऋण को चुकाएंगे। भारत कोई धर्मशाला नहीं है और केवल वही लोग रहेंगे जो देश के हैं।'
'अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक ही शिवसेना रह गई है'
शाह ने शिवसेना (यूबीटी) के सुप्रीमो उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के साथ हैं और घुसपैठियों को वोट बैंक बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा,
'कांग्रेस नेता और कांग्रेस की गोद में बैठे उद्धव जी घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलकर अपना अस्तित्व बनाए रखना चाहते हैं। मैं उन्हें स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। यहां केवल वही लोग रहेंगे जो इस देश के हैं। शिवसेना (यूबीटी) में टूट हो रही है और अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक ही शिवसेना रह गई है।'
केंद्रीय गृह मंत्री ने उद्धव की पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि अब शिवसेना में 2 गुट नहीं रह गए हैं बल्कि अब यह एक ही हो गई है।
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