1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'बंदर पकड़ो, 600 रुपये पाओ', महाराष्ट्र सरकार का अनोखा फैसला, अब वानरों पर लगेगा ‘प्राइस टैग’

'बंदर पकड़ो, 600 रुपये पाओ', महाराष्ट्र सरकार का अनोखा फैसला, अब वानरों पर लगेगा ‘प्राइस टैग’

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 27, 2026 01:21 pm IST,  Updated : Apr 27, 2026 01:21 pm IST

सरकार के आदेश पर आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि सिर्फ 600 रुपये के लिए कौन अपनी जान जोखिम में डालेगा, क्योंकि बंदर पकड़ना आसान नहीं हैं और जब लोग बंदर पकड़ने जाएंगे तो मानव-वानर संघर्ष कम कैसे होगा।

Monkey- India TV Hindi
बंदर Image Source : PTI

महाराष्ट्र में बढ़ते मानव-वानर संघर्ष के बीच सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। अब अगर कोई बंदर पकड़ता है, तो उसे पूरे 600 रुपये मिलेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने यह आदेश 22 अप्रैल को जारी किया है। दरअसल, शहरों और गांवों में रिझस मकाक और हनुमान लंगूर की बढ़ती संख्या ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। कभी घरों में घुसकर सामान उठाना, तो कभी राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। ऐसे में वन विभाग ने ‘कैश फॉर कैच’ जैसी पहल शुरू कर दी है।

इस योजना के तहत बंदरों को पकड़ने के लिए जाल और पिंजरों का इस्तेमाल किया जाएगा। हर पकड़े गए वानर की फोटो ली जाएगी। यानि अब बंदर भी ‘कैमरे में कैद’ होंगे। इसके बाद उन्हें शहर से कम से कम 10 किलोमीटर दूर जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।

600 के लिए कौन लेगा रिस्क?

600 रुपये की यह रकम अब चर्चा का विषय बन गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं। क्या इतनी छोटी रकम के लिए कोई इतना जोखिम उठाएगा? क्योंकि बंदर पकड़ना कोई आसान काम नहीं, कई बार ये जानलेवा भी हो सकता है।

बंदरों पर हमले कर रहे लोग

महाराष्ट्र में पिछले महीने बंदरों पर हमले की खबर भी सामने आई थी। येऊर जंगल में दो बंदर तीर लगने से घायल अवस्था में मिले थे। इसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू की थी और दोषियों के बारे में जानकारी देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। वन विभाग की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि हाल में दो दिन के भीतर दो बंदरों को तीर से निशाना बनाया गया था। इनके गले और जबड़े में तीर लगे हुए थे। वन्यजीव कल्याण विशेषज्ञों ने घायल जानवरों को बचाया और तत्काल उनका इलाज किया। 

शिकारियों के खिलाफ दर्ज हुए थे केस

वन विभाग ने बताया था कि दोषियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया था कि अपराधियों का पता लगाने के लिए तीन टीम गठित की गई थीं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही थी और सभी संभावित सुरागों का पता लगाया जा रहा था। वन अधिकारी ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 20 और 22 मार्च को दो मामले दर्ज किए गए थे।

यह भी पढ़ें-

बिरयानी के बाद तरबूज खाया, पूरा परिवार खत्म; मुंबई में फूड पॉइजनिंग से 4 मौतें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

' मराठी के नाम पर ऑटो वालों से गुंडागर्दी गलत', AIMIM नेता इम्तियाज जलील का बड़ा बयान

 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।