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पैर की जगह गुप्तांग का डॉक्टरों ने कर दिया ऑपरेशन, पीड़ित परिवार ने पुलिस से की शिकायत

 Edited By: Avinash Rai
 Published : Jun 29, 2024 04:47 pm IST,  Updated : Jun 29, 2024 04:47 pm IST

महाराष्ट्र के ठाणे में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक 9 साल के लड़के के माता पिता ने अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे के पैर के बजाय डॉक्टरों ने उसके गुप्तांग की सर्जरी कर दी है।

Doctors operated on the genitals instead of the leg victim family complained to the police- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शाहपुर के एक नौ-वर्षीय लड़के के माता-पिता ने पुलिस से अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने उनके बेटे के घायल पैर की जगह गुप्तांग की सर्जरी कर दी। पीड़ित नाबालिग के माता-पिता के आरोप पर एक स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। नाबालिग के माता-पिता ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘पिछले महीने जब नाबालिग बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था तब उसके पैर में चोट लग गई थी। 

पैर के बजाय गुप्तांग का किया खतना

उसे 15 जून को शाहपुर के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने उसके जख्मी पैर की जगह गुप्तांग का खतना कर दिया।" उन्होंने कहा कि बाद में अपनी गलती का एहसास होने पर चिकित्सकों ने जख्मी पैर की सर्जरी की। माता-पिता ने शाहपुर पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायत की जांच चल रही है। जिला सिविल सर्जन डॉ.कैलाश पवार ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी आरोपों की जांच करेंगे। 

हरियाणा में भी हुई थी ऐसी घटना

इससे पहले ऐसा ही मिलता-जुलता मामला हरियाणा के पानीपत में देखने को मिला था। यहां एक अस्पताल में पहुंचे मरीज के दाहिए घुटने का ऑपरेशन करना था। लेकिन डॉक्टरों ने कथित तौर पर उसके बायें घुटने का ऑपरेशन कर किया। इसके बाद इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और राज्य की पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा था। बता दें कि इस मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया था। मामला पानीपत के एक निजी अस्पताल का था। जानकारी के मुताबिक अस्पताल ने इसके लिए 8 हजार रुपये और उसका आयुष्मान कार्ड भी ले लिया।

(इनपुट-भाषा)

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