महाराष्ट्र में हो रही बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है, जिसके कारण आम लोगों को बहुत परेशानियां हो रही हैं। गढ़चिरौली जिले के भामरागड तालुका में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। गुंडेनूर नाले में आए तेज बाढ़ के कारण 7 गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों को हो रही भारी असुविधा
भामरागड तालुके में लगातार हो रही बारिश के कारण गुंडेनूर नाले में बाढ़ आ गई है। इससे बिनागुंडा क्षेत्र के पेरमलभट्टी, पुंगासूर, तुर्रेमरका, दामनमर्का, गुंडेनूर, बांगडी सहित सात गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाले में पानी तेज़ी से बहने के कारण सभी प्रकार की आवाजाही ठप हो गई है और नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वाहनों की पहले से तैयारी
बिनागुंडा क्षेत्र के नागरिक हर साल मानसून में नदी-नालों में बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए अपनी दोपहिया गाड़ियां बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की सुरक्षित तरफ (लाहेरी) पहले ही ले जाकर रख देते हैं। इन दोपहिया वाहनों का उपयोग कर वे आगे लाहेरी तथा तहसील मुख्यालय भामरागड तक आना-जाना करते हैं।
कई वाहन नहीं पहुंच पाए सुरक्षित स्थान तक
इस बार बारिश ने देर से दस्तक दी, इसलिए इस इलाके के लोगों को अंदाजा नहीं था कि नदी-नालों में पानी इतनी तेजी से बढ़ेगा। इसलिए कई लोगों ने अपने वाहन सुरक्षित स्थान पर नहीं हटाए थे। अचानक गुंडेनूर नाले के पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा, यह देखते ही नागरिकों ने अपनी दोपहिया गाड़ियां सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी। कुछ लोगों ने समय रहते वाहन बाहर निकाल लिए, जबकि कई लोग बढ़ते पानी के कारण वाहन हटाने में असमर्थ रहे।
हर साल टूटता है संपर्क मार्ग
लाहेरी-बिनागुंडा के बीच स्थित गुंडेनूर नाले के कारण बरसात के दिनों में हर साल इस क्षेत्र का संपर्क टूट जाता है। पहली ही बारिश में गुंडेनूर नाले में बाढ़ आने से उस क्षेत्र के सात गांवों का संपर्क टूट गया है और दैनिक कामकाज बाधित हो गए हैं। आवश्यक कामों के लिए भी नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी का प्रवाह कम होने तक इस मार्ग पर यातायात बंद रखा गया है और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जान जोखिम में डालकर बाढ़ग्रस्त नाला पार न करें।
(इनपुट- Naresh Sahare)