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संपत्ति विवाद का खौफनाक अंत, 83 साल के दादा ने की अपने वकील पोते की हत्या, जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Oct 07, 2026 11:34 am IST,  Updated : Oct 07, 2026 12:10 pm IST

होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर (DVR) निकालकर गायब कर दिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि सबूत मिटाने और पुलिस को भटकाने के लिए होटल के कर्मचारियों को भी धमकाया गया था।

मृतक पोता और आरोपी दादा- India TV Hindi
मृतक पोता और आरोपी दादा Image Source : REPORTER INPUT

महाराष्ट्र के लोनावला शहर से एक झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। संपत्ति के विवाद में खून के रिश्ते किस हद तक अंधे हो सकते हैं, इसकी बानगी पुणे के लोनावला में देखने को मिली। यहां शुरुआती तौर पर जिसे एक सामान्य 'हादसा' (एक्सीडेंटल फायरिंग) बताया जा रहा था। वह असल में एक सोची-समझी मर्डर मिस्ट्री निकली। 83 साल के बुजुर्ग दादा ने ही अपने 33 वर्षीय वकील पोते के सीने में गोली उतारकर उसकी जान ले ली थी।  

होटल परिसर में हुई खौफनाक वारदात

लोनावला के भुशी गांव स्थित 'हॉटेल मोतीराम' परिसर में यह खौफनाक वारदात हुई। मृतक की पहचान 33 वर्षीय वकील अभय माणिक मराठे के रूप में हुई है, जो लोनावला के पूर्व नगर पार्षद माणिक मराठे के बेटे थे। आरोपी दादा का नाम मोतीराम राजीव मराठे (उम्र 83 साल) है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मोतीराम मराठे के पास दो लाइसेंसी 12-बोर राइफलें थीं, जिन्हें उन्होंने दशकों पहले (1970 और 1980 के दशक में) खरीदा था।  

आकस्मिक मौत का दर्ज हुआ था मामला

घटना वाले दिन अभय मराठे की गोली लगने से मौत हो गई थी। शुरुआत में परिवार और अन्य लोगों ने पुलिस को यह कहकर गुमराह किया कि राइफल साफ करते समय अचानक ट्रिगर दब गया और गलती से चली गोली अभय के सीने में जा लगी। लोनावला सिटी पुलिस ने भी पहले इसे दुर्घटना मानकर आकस्मिक मौत (Accidental Death) का मामला दर्ज किया था।  

बेहद करीब से मारी गई गोली

डॉक्टर की रिपोर्ट और शरीर पर लगे जख्म के निशान से यह साफ हो गया कि यह दूर से या लापरवाही से चली गोली का मामला नहीं है, बल्कि गोली सीधे और बेहद करीब से सीने पर वार करने के इरादे से मारी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दादा मोतीराम मराठे अपनी संपत्ति का एक हिस्सा बेचना चाहते थे, जबकि वकील पोता अभय इसका कड़ा विरोध कर रहा था। घटना के दिन भी संपत्ति के लेन-देन और जमीन को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, जो इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर बुजुर्ग दादा ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पोते पर गोली चला दी।  

होटल के कर्मचारियों को धमकाया गया

घटना के तुरंत बाद होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर (DVR) निकालकर गायब कर दिया गया। सबूत मिटाने और पुलिस को भटकाने के लिए होटल के कर्मचारियों को भी धमकाया गया था। मामला हत्या में तब्दील होने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य आरोपी 83 वर्षीय दादा मोतीराम मराठे के अलावा सबूत मिटाने और साजिश में सहयोग करने के आरोप में परिवार के अन्य सदस्यों—हिरामण मोतीराम मराठे, मनोज हिरामण मराठे, कविता हिरामण मराठे और राजश्री दशरथ पवार के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 

समीर शेख की रिपोर्ट

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