भारत के विभिन्न राज्यों में बीते कुछ समय से बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान जारी है। भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी लोगों को बड़ी संख्या में गिरफ्तार कर के डिपोर्ट भी किया गया है। हालांकि, इनमें से कई बांग्लादेशी फिर से भारत में एंट्री कर रहे हैं। अब महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के दादर इलाके में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया जो कि डिपोर्ट होने के 10 महीने बाद ही फिर से भारत में घुस आया है। हा
क्या है पूरा मामला?
मुंबई पुलिस ने दादर इलाके से एक बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है, जिन्हें पिछले साल जुलाई में भारत से डिपोर्ट किया गया था। भोईवाडा पुलिस स्टेशन के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीसी) को सूचना मिली थी कि दादर (पूर्व) के दादासाहेब फालके रोड क्षेत्र में एक बांग्लादेशी महिला और पुरुष आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच और पूछताछ में क्या पता लगा?
पुलिस की जांच में बांग्लादेशी दंपति की पहचान 43 वर्षीय लिटन शोहिद मुल्ला और 37 वर्षीय पापी बेगम के रूप में हुई। दोनों ने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश के नोराईल जिले के निवासी हैं। पुलिस को उनके पास से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र भी बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि डिपोर्ट किए जाने के करीब 10 महीने बाद वे दोबारा अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए और पिछले पांच महीनों से नवी मुंबई के कोपरखैरणे इलाके में छिपकर रह रहे थे।
30 हजार रुपये में घुसपैठ का खुलासा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय दलालों के नेटवर्क की मदद से दोनों भारत पहुंचे। ऐसे गिरोह कथित तौर पर 30 हजार रुपये लेकर जंगलों और अन्य दुर्गम रास्तों से अवैध घुसपैठ कराते हैं। पुलिस के अनुसार, हाल के महीनों में डिपोर्ट किए गए कई बांग्लादेशी नागरिकों के दोबारा मुंबई पहुंचने के मामले सामने आए हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
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