महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा आयोजित ‘महिला जनाक्रोश मोर्चा’ ने सोमवार को शहर के वर्ली इलाके में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक संदेश दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भागीदारी के साथ यह मोर्चा वर्ली के जंबूरी मैदान से शुरू होकर नेशनल स्पोर्ट क्लब वर्ली तक निकाला गया। मोर्चा में भाजपा के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इसके अलावा बीजेपी के विधायक, सांसद, पार्षद और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस मोर्चा का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जनआक्रोश व्यक्त करना और महिला सशक्तिकरण के लिए आवाज बुलंद करना था।
महिलाएं पीछे हटने वाली नहीं- CM
मोर्चा के जरिए महिलाओं की भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। मोर्चा के समापन के बाद आयोजित ‘जनआक्रोश महिला सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोर्चा में उमड़ी भीड़ यह संकेत देती है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाली नहीं हैं।
CM ने कांग्रेस की मंशा पर उठाए सवाल
फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक महिला आरक्षण की मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई और इसे संसद में आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में यह विधेयक लाया गया था, लेकिन पर्याप्त बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मंशा कभी महिलाओं को सशक्त करने की नहीं रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाया गया, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर अपनी “वास्तविक सोच” उजागर कर दी।
फडणवीस ने बताई पूरी संवैधानिक प्रक्रिया
संवैधानिक प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2023 में किए गए संशोधन के तहत जनगणना और परिसीमन (डिलीमिटेशन) के बाद ही आरक्षण लागू होना है। कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना में देरी हुई, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह प्रक्रिया 2028 तक पूरी हो सकती है और इसका पूर्ण क्रियान्वयन 2032 तक संभव है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के दौरान सभी राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था की गई है और विपक्ष इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
यह मोर्चा केवल एक शुरुआत- फडणवीस
अपने भाषण के दौरान फडणवीस ने कहा कि "राहुल गांधी ने कहा था हिंदू धर्म की शक्ति को मिटाना है। हिंदू धर्म में शक्ति नारी है, आदिशक्ति है और इसी शक्ति को मिटाने का मंसूबा राहुल गांधी का है।" उन्होंने कहा कि यह मोर्चा केवल एक शुरुआत है और आगे भी महिला सशक्तिकरण को लेकर जनजागरण अभियान जारी रहेगा। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित नहीं हो जाता।
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