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Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में सत्ता संकट पर सामने आए शरद पवार, बीजेपी की भूमिका पर अजित से सहमत नहीं

Maharashtra Political Crisis: NCP अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी सरकार के भाग्य का फैसला विधानसभा में होगा। पवार ने कहा कि भाजपा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के समक्ष उत्पन्न संकट में भूमिका निभाई है।

Swayam Prakash Edited by: Swayam Prakash @SwayamNiranjan
Updated on: June 24, 2022 7:03 IST
NCP chief Sharad Pawar- India TV Hindi
Image Source : PTI NCP chief Sharad Pawar

Highlights

  • महाराष्ट्र के सत्ता संकट पर शरद पवार का बड़ा बयान
  • पवार बोले- सत्ता संकट में बीजेपी ने निभाई है भूमिका
  • भाजपा के रोल पर भतीजे अजित से दिखे असहमत

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र का सियासी संकट अब एक रोमांचक मोड़ पर खड़ा है। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने अपने साथ 49 विधायकों की तस्वीर जारी कर दी है। शिदे ने हुंकार भर दी है। विधायकों से साफ-साफ कह दिया है कि उन्हें किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है, उनके पीछे एक बड़ी ताकत है। लेकिन इस बीच NCP अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी सरकार के भाग्य का फैसला विधानसभा में होगा। 

भतीजे अजित और शरद पवार ने की अलग-अलग बात

वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या एमवीए अब अल्पमत में आ गया है, क्योंकि शिंदे के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट ने शिवसेना के 37 विधायकों और 10 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि उन्हें शिवसेना के भीतर विद्रोह में भाजपा की भूमिका नजर नहीं आती, पवार ने कहा कि वह अपने भतीजे से सहमत नहीं हैं। शरद पवार ने कहा, ''अजीत पवार ने ऐसा इसलिए कहा होगा, क्योंकि वह महाराष्ट्र के बाहर के भाजपा नेताओं को नहीं जानते हैं। मैं उन्हें जानता हूं। यहां तक ​​कि एकनाथ शिंदे ने भी कहा है कि एक राष्ट्रीय पार्टी ने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।'' 

"सत्ता संकट में बीजेपी ने निभाई भूमिका"

शिवसेना सरकार के मंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के कई विधायकों के विद्रोह के कारण महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। इस बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पवार ने कहा कि भाजपा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के समक्ष उत्पन्न संकट में भूमिका निभाई है। पवार ने कहा, 'एमवीए सरकार के भाग्य का फैसला विधानसभा में होगा, न कि गुवाहाटी में। एमवीए सदन पटल पर अपना बहुमत साबित करेगा।' 

"बागी विधायकों को मुंबई वापस आना होगा"

उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) कांग्रेस और राकांपा जैसे अन्य राष्ट्रीय दलों की एमवीए को अस्थिर करने में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि शिंदे केवल भाजपा का जिक्र कर रहे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बागी विधायकों को मुंबई वापस आना होगा और विधानसभा का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात और असम के भाजपा नेता उनका मार्गदर्शन करने के लिए यहां नहीं आएंगे। पवार ने शिवसेना के बागी विधायकों के आरोपों का भी खंडन किया कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए धन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना इसलिए करना पड़ा, क्योंकि वित्त मंत्रालय राकांपा के अजीत पवार द्वारा नियंत्रित है और उन्होंने उनके साथ भेदभाव किया है।