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महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल, हाई कोर्ट ने कहा था- 'काम नहीं करेंगे तो वेतन रोका जाएगा'

 Reported By: Sachin Chaudhary,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 06, 2026 04:10 pm IST,  Updated : Aug 06, 2026 10:55 pm IST

महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल को वापस ले लिया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए हड़ताल को खत्म करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने इस दौरान कड़ी टिप्पणी भी की थी।

Maharashtra Resident doctors High Court- India TV Hindi
महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म। Image Source : PTI/ANI

महाराष्ट्र में होम्योपैथी डॉक्टरों को CCMP के तहत एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति देने के फैसले के विरोध में चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों (MARD) की हड़ताल फिलहाल खत्म हो गई है। आज बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (सुओ-मोटो) लेते हुए इस मामले की सुनवाई की और महाराष्ट्र MARD तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA को तत्काल हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी भी की। कोर्ट ने कहा था काम न करने पर सैलरी रोकने की बात कही थी। 

हड़ताल खत्म-विरोध जारी रहेगा- MARD

हाई कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सेंट्रल MARD के अध्यक्ष डॉ. अथर्व शिंदे, IMA महाराष्ट्र के कोषाध्यक्ष डॉ. अमोल गिते और BMC MARD की अध्यक्ष डॉ. ऋतुजा राऊत ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि अदालत के निर्देश और अनुरोध का सम्मान करते हुए हड़ताल तत्काल प्रभाव से वापस ली जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीसीएमपी कोर्स और उससे जुड़े फैसले का उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आगे आंदोलन किस स्वरूप में होगा, इसका फैसला MARD, IMA और अन्य संबंधित संगठनों के साथ चर्चा के बाद किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी

हड़ताल खत्म करने के बाद डॉक्टरों ने कहा है कि अब अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएं और ऑपरेशन थिएटर सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से चलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान भी इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होने दी गई थीं और मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।

हाई कोर्ट ने क्या कहा था?

बता दें कि इससे पहले रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। हाई कोर्ट ने हड़ताल को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि अगर काम नहीं तो सैलरी भी बंद की जाए। हाई कोर्ट ने हड़ताल पर गए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाते हुए हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा, ''24 घंटे के भीतर अगर एक भी मरीज नगर निगम के अस्पताल में मौत का शिकार हुआ, तो याद रखिए। अगर आप काम नहीं कर रहे हैं, तो आपका वेतन भी रोक दिया जाएगा।"

फैसले का स्वागत करते हैं- मेडिकल एजुकेशन मंत्री

महाराष्ट्र के मेडिकल एजुकेशन मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मार्ड, आईएमए और उनसे जुड़े डॉक्टरों द्वारा हड़ताल वापस लेने के फैसले का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि अब सरकार जल्द ही होम्योपैथी डॉक्टरों, MARD और आईएमए के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाएगी। इस बैठक में सभी पक्षों के साथ चर्चा कर विवाद का कोई बीच का रास्ता निकालने और आपसी सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। सीसीएमपी (CCMP) सर्टिफिकेट को लेकर पूछे गए सवाल पर हसन मुश्रीफ ने कहा कि सरकार दोनों पक्षों को साथ बैठाकर चर्चा करेगी। बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए और आपसी सहमति से लिया जाएगा।

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