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मुंबई पुलिस ने किया 63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, APK फाइल बनाकर जालसाजों को बेचने वाला अरेस्ट

 Reported By: Rajesh Kumar Written By: Mangal Yadav
 Published : Jul 29, 2026 06:03 pm IST,  Updated : Jul 29, 2026 06:12 pm IST

मुंबई पुलिस ने 63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने APK फाइलें बनाकर साइबर ठगों को बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार किया है।

पुलिस हिरासत में आरोपी- India TV Hindi
पुलिस हिरासत में आरोपी Image Source : REPORTER

मुंबई पुलिस के डीबी मार्ग पुलिस थाने ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी APK फाइलें बनाकर साइबर जालसाजों को बेचता था। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह अब तक 92 APK फाइलें साइबर अपराधियों को बेच चुका था, जबकि 967 APK फाइलें बनाकर तैयार रखी थीं। इन फाइलों को बेचने के लिए वह नए साइबर जालसाजों की तलाश कर रहा था।

92 APK फाइलों से 63 करोड़ की ठगी

मुंबई पुलिस की डीसीपी राजसुधा आर. के मुताबिक, आरोपी द्वारा बेची गई 92 APK फाइलों का इस्तेमाल कर साइबर अपराधियों ने करीब 63 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इन फाइलों से जुड़े मामलों में देशभर में 2,993 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें 512 शिकायतें महाराष्ट्र और मुंबई से हैं।

967 APK फाइलें बनाकर रखा था

पुलिस का कहना है कि अगर आरोपी अपनी तैयार की हुई 967 APK फाइलें भी बेचने में सफल हो जाता, तो साइबर ठगी की रकम 100 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती थी। जांच में आरोपी के पास से 37,200 लोगों का बैंकिंग डेटा भी बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिर्फ APK फाइलें ही नहीं बेचता था, बल्कि लोगों का व्यक्तिगत और बैंकिंग डेटा भी साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराता था, ताकि वे आसानी से अपने शिकार चुन सकें।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक APK फाइल 15,000 से 20,000 रुपये में बेचता था। साथ ही खरीदार को उस APK फाइल का पूरा कंट्रोल भी देता था, ताकि कोई दूसरा उसका इस्तेमाल न कर सके। हर APK फाइल की वैधता 40 से 45 दिनों तक रहती थी।

APK फाइल से होती थी ठगी

साइबर अपराधी इन APK फाइलों के लिंक लोगों को भेजकर उन्हें यह कहते थे कि गैस कंपनी का बिल बकाया है, RTO का चालान लंबित है, या इसी तरह के दूसरे बहाने बनाकर लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते थे। जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करता था, उसके मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाई जाती थी और उसके खाते से पैसे उड़ा लिए जाते थे।

डीबी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में दक्षिण मुंबई के एक व्यक्ति से 70 हज़ार रुपये की ठगी इसी तरह की APK फाइल के जरिए की गई थी। शिकायत की जांच के दौरान पुलिस साइबर जालसाजों तक तो नहीं पहुंच सकी, लेकिन इस पूरे नेटवर्क के सबसे अहम खिलाड़ी, यानी APK फाइल बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही। 

बंगाल से हुई गिरफ्तारी

अब पुलिस उन साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने आरोपी से ये APK फाइलें खरीदी थीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है। उसने साइंस स्ट्रीम से ग्रेजुएशन किया है और आईटी में उसकी विशेष रुचि थी। पिछले कुछ वर्षों से वह इसी साइबर अपराध के धंधे में सक्रिय था। बता दें कि पूरे देश में APK फाइल से ठगी हो रही है। 

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