मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के लिए अपनी चिकित्सा सेवाओं और सुविधाओं की दरें (रेट लिस्ट) प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी निजी अस्पतालों को उनके द्वारा दी जानी वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी और उनके रेट हॉस्पिटल में डिस्प्ले करने होंगे। ताकि निजी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने आ रहे मरीज को स्वास्थ्य सुविधाओं के रेट के बारे में पूरी जानकारी हो।
इंक्वायरी काउंटर, हेल्प डेस्क और बिलिंग काउंटर पर मरीज को रेट कार्ड और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी जानकारी देना और ट्रांसपेरेंसी रखना जरूरी है। मेडकिल वीजा पर आए विदेशी नागरिकों को भी दिए जाने वाले विशेष पैकेज के बारे में भी पूरी पारदर्शिता से जानकरी देना जरूरी होगा।
मराठी और अंग्रेजी में देनी होगी जानकारी
सरकारी आदेश (GR) में कहा गया है कि इन दरों को मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है कि दरों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने से मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के संभावित खर्च को समझने और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े फैसले लेने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी लंबे समय से ऐसे कदम उठाने की मांग की थी, उनका तर्क है कि इससे ज्यादा पैसे वसूलने (ओवरचार्जिंग) और बिल से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने जिला सिविल सर्जनों और जिला व नगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि वे सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को इस बारे में जानकारी दें। साथ ही, नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।
सरकार ने जारी किए आदेश
इस सरकारी आदेश में कहा गया है कि "महाराष्ट्र नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन रूल्स, 2021 की अनुसूची III (Schedule III) के तहत आने वाली चिकित्सा सेवाओं और उपलब्ध सुविधाओं की दरों को अस्पताल आने वाले हर व्यक्ति को आसानी से दिखाई दे, इस तरह प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि दरों में कोई भी बदलाव होने पर प्रदर्शित किए गए चार्ट को भी अपडेट करना होगा। विदेशी मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को उनके लिए लागू विशेष पैकेज की दरें भी प्रदर्शित करनी होंगी।