मुंबई के पवई स्थित IIT कैंपस के हॉस्टल नंबर-6 में गैस सिलेंडर की पाइप में लीकेज के बाद फ्लेयर-अप हो गया। हादसे में पांच लोग झुलसकर घायल हो गए। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से चार लोगों को आगे के इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया, जबकि एक घायल का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल के मुताबि, सभी घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
हादसे की सूचना 8 अक्टूबर की रात करीब 10:24 बजे मिली। घटना की जानकारी राजावाड़ी अस्पताल की ओर से दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बीएमसी के वार्ड स्टाफ को आईआईटी पवई कैंपस के हॉस्टल नंबर-6 में भेजा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गैस सिलेंडर की पाइप में रिसाव हुआ था। इसके बाद गैस के कारण अचानक फ्लेयर-अप हुआ, जिसकी चपेट में आकर पांच लोग घायल हो गए।
पांचों घायलों को अस्पताल ले जाया गया
घटना के बाद सभी पांच घायलों को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। राजावाड़ी अस्पताल के संबंधित मेडिकल ऑफिसर से मिली जानकारी के अनुसार, चार घायलों को बेहतर इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल ट्रांसफर किया गया। वहीं 37 वर्षीय ईश्वर सिंह को राजावाड़ी अस्पताल में ही भर्ती किया गया है। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, पांचों घायलों की हालत स्थिर है।
घायल बच्चों को कस्तूरबा अस्पताल भेजा गया
हादसे में 12 वर्षीय अंश अहिरवार और 9 वर्षीय तहजीब आलम भी घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया है। दोनों बच्चों की हालत स्थिर बताई गई है। हादसे में 34 वर्षीय शिवकुमार सिंह और 23 वर्षीय अनिलकुमार यादव भी घायल हुए हैं। इन दोनों को भी कस्तूरबा अस्पताल भेजा गया है।
ईश्वर सिंह का राजावाड़ी अस्पताल में इलाज जारी
37 वर्षीय ईश्वर सिंह को कस्तूरबा अस्पताल ट्रांसफर करने के बजाय राजावाड़ी अस्पताल में ही भर्ती किया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत भी स्थिर बताई गई है। इस तरह हादसे में घायल कुल पांच लोगों में चार को कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया, जबकि एक का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में जारी है।
लेबर कैंप में लगी भीषण में 7 गैस सिलेंडर फटे
वहीं, महाराष्ट्र के मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित टाटा कॉलोनी में गुरुवार को लेबर कैंप में भीषण आग लग गई। यह लेबर कैंप धारावी से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट परिसर में G+1 ढांचे में स्थित है। आग लगते ही कैंप में रह रहे बड़ी संख्या में मजदूर जान बचाकर बाहर भागे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि आग लगने के दौरान 7 गैस सिलेंडर फट गए।
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