महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बनाया गया कटई-निळजे पलावा रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के महज चार दिन बाद ही बंद करना पड़ा। 4 जुलाई को शिवसेना विधायक राजेश मोरे द्वारा उद्घाटन के कुछ घंटों बाद ही एक बाइक सवार के फिसलने की घटना ने इस फ्लाईओवर की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। इस घटना के बाद सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष में तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
250 करोड़ रुपये की लागत से बना
562 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर, जिसे आमतौर पर पलावा फ्लाईओवर के नाम से जाना जाता है, 250 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया। इसका उद्देश्य शिलफाटा और कल्याण के बीच यातायात की भीड़ को कम करना था। लेकिन उद्घाटन के दिन ही दो बाइक सवार सड़क की सतह पर फिसल गए और उन्हें मामूली चोटें आईं। ठेकेदार ने तुरंत ग्रिट पाउडर डालकर सड़क को व्यवस्थित किया, जिसके बाद यातायात फिर शुरू हुआ। हालांकि, चार दिन बाद फ्लाईओवर के 450 मीटर हिस्से की हालत इतनी खराब हो गई कि इसे बंद करना पड़ा। यात्रियों ने इसकी सतह को "स्किडिंग ज़ोन" कहकर मज़ाक उड़ाया, क्योंकि ढीली बजरी, कीचड़, सीमेंट के छींटे और खराब तरीके से बिछाई गई तारकोल ने इसे खतरनाक बना दिया।
ठेकेदार ने शुरू किया मरम्मत कार्य
सत्तारूढ़ शिवसेना ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर पिछले तीन दिनों से जनता में भ्रम फैला रहा है। सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि ठेकेदार ने तुरंत मरम्मत शुरू कर दी और समस्या को जल्द ठीक किया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के ठेकेदार दिन भर फ्लाईओवर के खतरनाक हिस्सों की मरम्मत में जुटे रहे। सत्तारूढ़ पक्ष ने दावा किया कि यह मामूली तकनीकी खामी है, जिसे जल्द सुधार लिया जाएगा।
उद्घाटन के फैसले पर उठे सवाल
विपक्ष का हमला उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के जिलाध्यक्ष दीपेश म्हात्रे ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इतनी बड़ी लागत से बना फ्लाईओवर चार दिन में ही बंद करना पड़ा, यह शर्मनाक है। विपक्ष ने निर्माण की गुणवत्ता और जल्दबाजी में उद्घाटन करने के फैसले पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि खराब योजना और लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई। वहीं, इस पूरे प्रकरण में एमएसआरडीसी और निर्माण से जुड़े ठेकेदार अपने बचाव में जुट गए। उनका कहना है कि सड़क की सतह पर कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, जिन्हें ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है।
(रिपोर्ट- सुनील शर्मा)
ये भी पढ़ें-
"इस बार मिंटो ब्रिज पर जलभराव नहीं", दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा ने शेयर किया 'सबूत'
शशि थरूर ने इमरजेंसी पर उठाए सवाल, कहा- इससे सबक लेना जरूरी, संजय गांधी ने जबरन कराई नसबंदियां