महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल में प्रदूषण का ऐसा भयावह चेहरा सामने आया है जिसने “गौमाता” और “माताओं” दोनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला केमिकल युक्त और दूषित पानी तालाबों व जलस्रोतों में मिल रहा है, जिसके चलते एक घंटे के भीतर 7 गायों की मौत हो गई, जबकि 19 अन्य गायें विषबाधा का शिकार हुईं।
जहरीले पानी से इंसानों की सेहत पर भी गंभीर असर
स्थानीय लोगों का दावा है कि यही जहरीला पानी इंसानों की सेहत पर भी गंभीर असर डाल रहा है। महिलाओं में मिसकैरेज के मामलों में बढ़ोतरी और कैंसर जैसी बीमारियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह मुद्दा विपक्ष ने नहीं बल्कि सत्ताधारी बीजेपी के ही विधायक विक्रांत पाटिल ने विधान परिषद में उठाया।
BJP विधायक ने ही प्रशासन पर उठाए सवाल
पनवेल से जुड़े विक्रांत पाटिल ने आरोप लगाया कि सिडको प्रशासन की लापरवाही के कारण डंपिंग स्टेशन में खतरनाक रासायनिक कचरा डाला जा रहा है। उन्होंने सदन में मृत गायों की तस्वीरें और पानी की जांच रिपोर्ट भी पेश की। उनका दावा है कि जांच में प्रदूषण के स्तर कई गुना अधिक पाए गए और पानी में ऑक्सीजन की मात्रा लगभग शून्य थी, यानी यह पानी जहर में तब्दील हो चुका है।
UBT और कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बीजेपी गौमाता के नाम पर राजनीति तो करती है, लेकिन जब महाराष्ट्र में प्रदूषित पानी से गायों की मौत हो रही है और महिलाओं का स्वास्थ्य खतरे में है, तब सरकार की जवाबदेही कहां है? विपक्ष का आरोप है कि महाराष्ट्र में न गौमाता सुरक्षित हैं और न ही माताएं।
महाराष्ट्र के मंत्रियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
वहीं, सरकार ने मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है। रायगढ़ के ही मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि उद्योग मंत्री ने तत्काल जांच और प्रदूषण रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने भी माना कि यह बहु-विभागीय मामला है और इसमें पर्यावरण, शहरी विकास, सिंचाई तथा जल संरक्षण विभागों को मिलकर काम करना होगा। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जहरीले पानी से पशुओं और इंसानों की सेहत पर असर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पानी वास्तव में इतना जहरीला है कि उससे पशुओं की मौत हो रही है और इंसानों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, तो जिम्मेदार कौन है? और क्या तीसरी मुंबई के सपने दिखाने वाले पनवेल में रहने वाले लोगों को स्वच्छ पानी और सुरक्षित वातावरण मिल पाएगा? फिलहाल जनता कार्रवाई का इंतजार कर रही है, लेकिन अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मुद्दा सड़कों से लेकर विधानसभा तक और बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है।