भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद पीसी मोहन ने इशारों-इशारों में मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद मोहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'राजमलाई' की फोटो डालकर कटाक्ष किया है। बीजेपी ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र के अन्य नगर निगम चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। जानिए बीएमसी चुनाव में रसमलाई का मामला क्या है?
बेंगलुरु सेंट्रल से लोकसभा सांसद पीसी मोहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'रसमलाई' (भारतीय मिठाई) की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'कुछ रसमलाई मंगवाई। #BMCResults"।
राज ठाकरे का अन्नामलाई के साथ जुबानी जंग
यह ट्वीट राज ठाकरे पर सीधा कटाक्ष था, जिन्होंने पिछले सप्ताह की शुरुआत में भाजपा सांसद के अन्नामलाई के साथ जुबानी जंग शुरू की थी। मुंबई में बीएमसी चुनावों के लिए प्रचार करते हुए अन्नामलाई ने कहा था कि यह शहर केवल महाराष्ट्र का नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है।
राज ठाकरे ने अन्नामलाई को कहा था रसमलाई
इन टिप्पणियों के कारण मुंबई में शिवसेना (UBT) और एमएनएस की संयुक्त रैली में तीखी बहस छिड़ गई। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर निशाना साधते हुए उन्हें 'रसमलाई' कहकर उनका मजाक उड़ाया और मुंबई पर टिप्पणी करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाया।
हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी' का भी नारा
उन्होंने 'हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी' का नारा भी लगाया, जो शहर में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला एक मुहावरा है।
मुंबई आने पर पैर काटने की धमकी
अन्नामलाई ने चुनौती भरे लहजे में जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें मुंबई आने पर पैर काटने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा, 'मैं मुंबई आऊंगा। मेरे पैर काटकर देखो, और इस बात पर जोर दिया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
महाराष्ट्रियों की भूमिका को मिटाया नहीं जा सकता- अन्नामलाई
अपनी बात स्पष्ट करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि के. कामराज जैसे नेताओं की प्रशंसा करने से उनकी तमिल पहचान कम नहीं होती, ठीक उसी तरह जैसे मुंबई को विश्व स्तरीय शहर कहने से इसके निर्माण में महाराष्ट्रियों की भूमिका को मिटाया नहीं जा सकता।
तमिलों का अपमान करने का आरोप
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई का विकास मराठी लोगों के योगदान से अविभाज्य है। अन्नामलाई ने शिवसेना नेताओं पर लुंगी और धोती जैसे पारंपरिक परिधानों का मजाक उड़ाकर तमिलों का अपमान करने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि डीएमके ने ऐसी टिप्पणियों का सहारा लेने वाली पार्टियों के साथ राजनीतिक मंच साझा करना चुना।