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महाराष्ट्र में एक बार फिर गूंजा शिवशक्ति और भीमशक्ति का नारा, बीजेपी ने कहा- ''गठबंधन से हम नहीं डरते''

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Shashi Rai
 Published : Nov 22, 2022 08:18 pm IST,  Updated : Nov 22, 2022 08:18 pm IST

उद्धव ठाकरे ने कहा, ''कानून मंत्री किरेन रिजिजू बोल रहे हैं कॉलेजियम में पारदर्शिता नहीं है। ऐसे में फिर कॉलेजियम के तहत अब तक जो जज बने उन्होंने जो फैसले दिए वो सही थे कि गलत ? इसलिए हमें एक साथ आना ही होगा प्रकाश अंबेडकर जी देश दहशत में है।''

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे- India TV Hindi
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे Image Source : PTI

मुंबई: महाराष्ट्र के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बगावत कर एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को खोखला कर दिया, ऐसे में मुंबई समेत 18 महानगर पालिकाओं के चुनाव और आने वाले अन्य चुनाव को देख अब उद्धव ठाकरे राज्य के छोटे-छोटे राजनीतिक संगठनों से हाथ मिला रहे हैं। पहले कट्टर मराठा संगठन सम्भाजी ब्रिगेड और अब दलित वोट बैंक को कैश करने के लिए प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी से गठबंथन करना चाहते हैं । उद्धव ठाकरे ने दो दिन पहले मुम्बई में एक कार्यक्रम में प्रकाश आंबेडकर के साथ मंच साझा कर उनसे हाथ मिलाने की गुहार लगाई।

कानून मंत्री किरेन रिजिजू पर साधा निशाना

उद्धव ठाकरे ने कहा, ''कानून मंत्री किरेन रिजिजू बोल रहे हैं कॉलेजियम में पारदर्शिता नहीं है। ऐसे में फिर कॉलेजियम के तहत अब तक जो जज बने उन्होंने जो फैसले दिए वो सही थे कि गलत ? देश के मंत्री अगर न्याय व्यवस्था के प्रति शंका जता रहें हैं तो ये गंभीर बात है। ये साफ होना चाहिए कि ये उनका व्यक्तिगत मत है कि सरकार का ? क्या अब पीएम जज अप्वाइंट करेंगे? अगर ऐसा है तो कोर्ट बन्द कर दें उन्हें गुलाम बनाना चाहते हो तो । मेरे इस बयान पर कहेंगे मैंने कोर्ट का अपमान किया। मुझपर कार्रवाई करें लेकिन पहले रिजूजू पर भी कार्रवाई हो। इसलिए हमें एक साथ आना ही होगा प्रकाश अंबेडकर जी देश दहशत में है। तानाशाही चल रही है। इसलिए हमें एक साथ आने की जरूरत है।''

 'बीजेपी से लड़ने के लिए गठबंधन जरूरी'

उद्धव ठाकरे की इस बयान को शिवसेना के अन्य नेता भीमशक्ति और शिवशक्ति को समय की जरूरत बता रहे हैं और केंद्र की बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ने के लिए गठबंधन का होना आवश्यक बता रहे हैं।

क्या बोले कांग्रेस नेता?

शिवसेना और वंचित बहुजन आघाड़ी गठबंधन की कोशिशों के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है, कि क्या महाविकास आघाड़ी और अन्य घटक दल प्रकाश आंबेडकर से हाथ मिलाने को उत्सुक है? कांग्रेस नेता इस बारे में अलग-अलग बयान दे रहे हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि जब चुनाव सामने आएगा तब गठबंधन के बारे में सोचा जाएगा, ये कहते हुए उन्होंने गठबंधन की चर्चाओं को टाल दीया।

वहीं मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक भाई जगताप का कहना है कि अगर प्रकाश आंबेडकर महाविकास आघाड़ी में शामिल होते हैं, तो महाविकास आघाड़ी को इसका फायदा ही होगा। 

गठबंधन से नहीं डरती बीजेपी

इस पर बीजेपी का कहना है कि प्रकाश आंबेडकर और उद्धव ठाकरे अगर एक साथ भी आते हैं, तो बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को कोई भी नुकसान नहीं होगा। बीजेपी और शिंदे शिवसेना 51 प्रतिशत वोट लेकर हर चुनाव में जीत हासिल करेंगे।

कोई असर नहीं होगा: शिंदे गुट

एकनाथ शिंदे की शिवसेना का कहना है कि रामदास आठवले जैसे कदावर नेता एनडीए के साथ में हैं, इसलिए उद्धव ठाकरे और प्रकाश आंबेडकर गठबंधन करते भी हैं, तो कोई असर नहीं होगा।

गठबंधन पर प्रकाश आंबेडकर ने साधी चुप्पी

बहरहाल उद्वव ठाकरे और उनके नेता प्रकाश आंबडेकर से हाथ मिलाने की पुरजोर कोशिश में हैं । वो जानते हैं कि डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर के पोते उनकी शिवसेना के साथ आते हैं तो दलित और मराठी वोटों से उद्वव ठाकरे की शिवसेना को बीएमसी और अन्य चुनाव में फायदा ही होगा। पर इस गढ़बंधन के सवाल पर जब हमने प्रकाश आंबेडकर से पूछा तो उन्होंने चुप्पी साध ली और इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया । जाहिर सी बात है प्रकाश आंबेडकर अभी इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आना चाहते न अपने पत्ते खोलना चाहते हैं । बता दें, प्रकाश आंबेडकर ने इसके पहले ओवैसी की पार्टी AIMIM और उसके बाद मुस्लिम लीग से भी गठबंधन किया था।

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