मुंबई: पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में आज (शनिवार को) अदालत का फैसला आने और आरोपियों को बरी किए जाने के बाद धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ओमराजे निंबालकर ने कहा कि उन्होंने अभी तक शिंदे गुट में शामिल होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ओमराजे निंबालकर ने आगे कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाकर पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनता से चर्चा करेंगे, जिसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे।
“ऑपरेशन टाइगर” पर गहराया सस्पेंस!
ओमराजे निंबालकर के इस बयान के बाद कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर एक बार फिर सस्पेंस गहरा गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि कुछ सांसद जल्द ही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ओमराजे निंबालकर के ताजा रुख ने इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
जरूरी दो-तिहाई सांसदों को जुटाने में आ सकती है मुश्किल
सूत्रों के मुताबिक, अदालत के फैसले के बाद ओमराजे निंबालकर भावनात्मक रूप से आहत हैं और ऐसे माहौल में उन्होंने कोई जल्दबाजी में फैसला लेने से इनकार किया है। माना जा रहा है कि अगर ओमराजे निंबालकर अन्य पांच सांसदों के साथ शिंदे सेना में शामिल नहीं होते हैं, तो संभावित टूट के लिए आवश्यक दो-तिहाई संख्या जुटाने में मुश्किलें आ सकती हैं। ऐसे में “ऑपरेशन टाइगर” की सफलता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
ओमराजे निंबालकर के अगले कदम पर टिकीं निगाहें
फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में सबकी निगाहें ओमराजे निंबालकर के अगले कदम पर टिकी हैं। उनके अंतिम निर्णय से यह तय हो सकता है कि कथित “ऑपरेशन टाइगर” आगे बढ़ेगा या फिर उसकी राह में नई बाधाएं खड़ी होंगी।
UBT की मीटिंग में नहीं पहुंचे थे कौन-कौन सांसद?
6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे की सेना से अलग होकर अपना ग्रुप बनाया है, उसमें यवतमाल वाशिम से संजय देशमुख, परभणी से संजय जाधव, शिरडी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल, धारशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर और हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल शामिल हैं। ये सभी संसद भवन में UBT की बैठक में बीते शुक्रवार को नहीं पहुंचे थे।
पवनराजे हत्याकांड फैसले के खिलाफ CBI जाएगी हाईकोर्ट
पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI, हाईकोर्ट का रुख करेगी। पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में विशेष अदालत की तरफ से आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीधे चर्चा की। चर्चा के बाद अमित शाह ने CBI को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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