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'जो ज्यादा नाटक करे उसके कान के नीचे बजाना, लेकिन वीडियो मत बनाना', भाषा विवाद पर बोले राज ठाकरे

 Reported By: Dinesh Mourya, Edited By: Shakti Singh
 Published : Jul 05, 2025 12:55 pm IST,  Updated : Jul 05, 2025 12:55 pm IST

राज ठाकरे ने कहा कि बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। इसके साथ ही उन्होंने हिदायत दी कि अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत बनाना।

Raj Thackeray- India TV Hindi
राज ठाकरे Image Source : PTI

महाराष्ट्र की राजनीति में पांच जुलाई का दिन बड़ा बदलाव लेकर आया है। यहां दो दशक बाद ठाकरे परिवार एक हो चुका है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शनिवार को एक ही मंच से भाषण दिया। इस दौरान दोनों ने सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधा। इस दौरान राज ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके पास विधानभवन में सत्ता है, लेकिन हमारे पास सड़कों की सत्ता है। मेरे पास शिक्षा मंत्री दादा भूसे आए थे। मैंने उनसे कहा कि आपकी बात मैं सुनूंगा, लेकिन मानूंगा नहीं। आज महाराष्ट्र जब एकसाथ खड़ा हुआ, तो सरकार को यह दिखाई दिया होगा कि जब यह राज्य एकजुट होता है, तब क्या होता है।

राज ठाकरे ने कहा "हिंदी भाषी प्रांतों के लोग यहां रोजगार के लिए आते हैं और हमें कहते हैं कि हम हिंदी भाषा सीखें। मराठा साम्राज्य हर जगह पहुंचा था, लेकिन क्या हमने मराठी भाषा किसी पर थोपी? नहीं। हिंदी तो केवल 200 साल पुरानी भाषा है। इन लोगों ने हिंदी लागू करने का प्रयास सिर्फ यह जांचने के लिए किया कि क्या मुंबई को महाराष्ट्र से अलग किया जा सकता है। हम शांत हैं, इसका यह मतलब नहीं कि हम बेवकूफ हैं। किस-किस के बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं, इसकी पूरी सूची हमारे पास है।"

फडणवीस की स्कूल का जिक्र किया

राज ठाकरे ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस अंग्रेजी में पढ़कर मुख्यमंत्री बन गए। मेरे पिता और बालासाहेब ठाकरे अंग्रेजी मीडियम से पढ़े थे। क्या आप उनकी मराठी भाषा के योगदान पर शंका कर सकते हैं? लालकृष्ण कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े थे। क्या आप उनके हिंदुत्व पर शक करेंगे? जयललिता, स्टालिन, उदयनिधि, पवन कल्याण, कमल हासन, अभिनेता विक्रम, सूर्या और ए. आर. रहमान। ये सब अंग्रेजी मीडियम से पढ़े हैं। भारतीय सेना में राजपूत रेजीमेंट, सिख लाइट इन्फैंट्री, बिहार रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, गोरखा राइफल्स, अरुणाचल स्काउट जैसी अनेक इकाइयां हैं, लेकिन जब दुश्मन हमला करता है, तब सब एकजुट होकर उस पर टूट पड़ते हैं। क्या उस समय कोई भाषा बीच में आती है? अब ये लोग आपको जाति और भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास करेंगे। लेकिन हम मराठी के तौर पर एक होकर खड़े रहेंगे, किसी को हमारे बीच में दरार नहीं डालने देंगे।

कार्यकर्ताओं को दी नसीहत

अपने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए राज ठाकरे ने कहा "कल मीरा रोड में एक व्यवसायी की हत्या कर दी गई। क्या उसके माथे पर लिखा था कि वह गुजराती है? अब तक हमने कुछ नहीं किया है। उस आदमी को मराठी आनी चाहिए। बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। और अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो।"

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