मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में औरंगजेब को लेकर दिए अपने बयानों से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी लगातार विवादों में घिरते जा रहे हैं। मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ में टिप्पणी करने के कारण बुधवार को मौजूदा बजट सत्र के अंत तक महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी की ओर से उनपर तीखे हमले किए गए हैं। बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार कहना है कि अबू आज़मी पर बहुत कम करवाई की है और ज्यादा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी साहब तो अबू आजमी को सबक सिखा देंगे। सीएम योगी को तो सैल्यूट है। अबू आजमी को योगी के पास भेज दिया तो सामने वाला कह देगा- हे राम! सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि औरंगज़ेब जो अपने बाप का भई का बेटे का नहीं हुआ वह हमारा आदर्श नहीं हो सकता।
सदस्यता ही ख़त्म कर देनी चाहिए
वहीं फडणवीस सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर और शिवसेना (शिंदे) नेता संजय शिरसाठ ने कहा कि अबू आज़मी ने औरंगज़ेब का महिमामंडन किया तो आज उन्हें निलंबित किया गया। हमारी तो मांग है कि उनकी सदस्यता ही ख़त्म कर देनी चाहिए। इसके लिए कमिटी बनाई गई है। कमिटी उनकी सजा तय करेगी आगे। शिरसाठ ने आगे कहा- योगी ने सही कहा वह योगी है कि वह आज़मी जैसे लोगों को ठीक करना जानते हैं। अखिलेश यादव तो सिर्फ़ मुस्लिम वोटो की राजनीति कर रहे हैं।
लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है
वहीं पीडब्लूडी मंत्री और बीजेपी नेता शिवेंद्र राज़े भोंसले ने कहा कि अबू आजमी का बयान बिल्कुल गलत है। एक्शन लिया गया है लेकिन और कड़क कार्रवाई होनी चाहिए ऐसी मांग हमने की है। भोंसले ने कहा-एक तरफ छावा फ़िल्म रिलीज हुई है, छत्रपति संभाजी महाराज को लेकर लोगों की श्रद्धा उमड़ी है और दूसरी तरफ औरंगजेब को लेकर महिमामंडन का बयान देना कहा तक सही है? उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है। औरंगजेब की कब्र हटाई जाना चाहिए ये जनभावना की मांग है। यूपी के सीएम योगी ने जो कहा है सही कहा है। यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति अलग लेवल पर है। योगी बाबा का तरीका अलग है। बता दें कि बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानपरिषद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोगों को उत्तर प्रदेश भेजो, हम उसका इलाज कर देंगे। यूपी में ऐसे लोगों के उपचार में ज्यादा देरी नहीं करते।
ध्वनिमत से पारित हुआ निलंबन प्रस्ताव
महाराष्ट्र के राज्य के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को सदन में अबू आजमी के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि औरंगजेब की प्रशंसा में बयान मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान है। पाटिल ने कहा, ‘‘औरंगजेब की प्रशंसा और संभाजी महाराज की आलोचना करने वाली आजमी की टिप्पणियां एक विधानसभा के सदस्य को शोभा नहीं देती हैं और यह विधानसभा का अपमान है।’’ निलंबन का प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमा) तक पहुंच गई थी। ‘‘हमारा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) (विश्व जीडीपी का) 24 प्रतिशत था और भारत को (औरंगजेब के शासनकाल के दौरान) सोने की चिड़िया कहा जाता था।’’ उनकी टिप्पणियों के कारण मंगलवार को राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा हुआ, जिसमें सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उन्हें निलंबित करने और उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की।