भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनने के बाद सरकार ने नागरिकों को किसी भी स्थिति से तैयार रखने के लिए सात मई को मॉक ड्रिल करने का फैसला किया है। मॉक ड्रिल के दौरान देश के अलग-अलग इलाकों में सायरन बजेगा। इसके बाद बिजली काट दी जाएगी। ऐसे में सभी नागरिकों को अंधेरे में सुरक्षित जगहों पर पहुंचना होगा। यह मॉक ड्रिल हमला होने की स्थिति में आम लोगों को बचाने के लिए की जाती है।
हमला होने पर सभी लाइटें बंद कर दी जाती हैं, ताकि हमला करने वाले दुश्मन को यह पता न चले कि कहां पर लोग हैं और उसे कहां हमला करना है। इस बीच अंधेरे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है। जहां हमला होने पर भी उन्हें कम से कम नुकसान हो। यह ड्रिल बुधवार को शाम सात बजे से लेकर सात बजकर 10 मिनट के बीच होगी। इससे पहले पंजाब के कुछ इलाकों में ब्लैक आउट की ड्रिल की गई थी।
यहां जानिए उत्तर-पूर्वी राज्यों के किन जिलों में मॉक ड्रिल होगी
सिक्किम- गंतोक
पुडुचेरी- पुडुचेरी
मिजोरम- आइजवाल
नागालैंड- दीमापुर, कोहिमा, मोकोकचुंग, सोम, फेक, तुएनसांग, वोखा, जुन्हेबोटो, किफ्री, पेरेन
मणिपुर- इंफाल, चूरचांदपुर, उखरूल, मोरेह, निंगथोऊ-कोंग
मेघालय- ईस्ट खाली हिल (शीलांग), जइंतिया हिल (जवई), वेस्ट गारो हिल (तूरा)
त्रिपुरा- अगरतला
अरुणाचल प्रदेश- अलोग (वेस्ट सियांग), ईटानगर, तवांग, हयूलिंग
असम- बोंगईगांव, दारंग, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, धुबरी, कार्बी-आंगलोंग, गोलपाड़ा, कोकराझार, जोरहाट, सिबसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, दिलियाजान, गुवाहाटी (दिसपुर), रंगिया, नामरूप, नाजिरा, उत्तर-लक्ष्मपुर, नुमालीगढ़
स्कूलों में बच्चों को ट्रेनिंग
जम्मू के एक स्कूल में छात्रों को मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। देश के अन्य इलाकों में भी सामान्य नागरिकों और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में खुद को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी गई। सात मई को पूरे देश में मॉक ड्रिल की जाएगी।