Success for Make in India as US become third largest car market for India
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बड़ी सफलता मिली है, भारत में कम लागत का फायदा उठाए हुए अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड यहां कार बनाकर उसका निर्यात अपने देश अमेरिका को कर रही है जिस वजह से भारतीय कार एक्सपोर्ट बाजार के लिए अमेरिका अब तीसरा बड़ा बाजार बन गया है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान अमेरिको को भारत से कुल 65.4 करोड़ डॉलर यानि लगभग 4500 करोड़ रुपए की कारों का एक्सपोर्ट हुआ है और मैक्सिको तथा दक्षिण अफ्रीका के बाद यह भारत के लिए तीसरा बड़ा कार बाजार बन गया है। 2017-18 के दौरान भारत से मैक्सिको को 169.1 करोड़ डॉलर और दक्षिण अफ्रीका को 66.6 करोड़ डॉलर की कारों का एक्सपोर्ट हुआ है।
भारत को यह सफलता अमेरिकी ऑटो कंपनी फोर्ड मोटर की वजह से मिली है, फोर्ड ने पिछले साल से अपने लोकप्रिय एसयूवी मॉडल ईकोसपोर्ट को भारत में बनाकर अमेरिका को निर्यात करना शुरू कर दिया है। इसके लिए फोर्ड मोटर की भारतीय इकाई फोर्ड इंडिया ने तमिलनाडू के चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया हुआ है। फोर्ड ने हाल ही में भारत से पैसेंजर गाड़ियों के निर्यात के मामले में कोरिया की कंपनी हुंडई को पीछे कर पहला स्थान हासिल किया है। 2017-18 के दौरान फोर्ड ने भारत से कुल 90500 ईकोसपोर्ट गाड़ियों का निर्यात किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई अमेरिकी ऑटो कंपनियों को घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग के लिए कह रहे हैं, पिछले साल उन्होंने फोर्ड सहित कई अमेरिकी ऑटो कंपनियों को घरेलू स्तर पर अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए कहा था। इसके बावजूद अमेरिकी कंपनी फोर्ड भारत में अपना उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका को एक्सपोर्ट कर रही है, इसे भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की बड़ी सफलता माना जा सकता है।






































