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सरकार ने GST के तहत छोटे ढाबों और रेस्टोरेंट पर 5% की दर से टैक्स लगाने का किया फैसला

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Mar 04, 2017 07:16 pm IST,  Updated : Mar 04, 2017 07:19 pm IST

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने शनिवार को बताया कि 50 लाख रुपए से कम की आमदानी वाले रेस्टोरेंट पर अब 5 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा।

सरकार ने GST के तहत छोटे ढाबों और रेस्टोरेंट पर 5% की दर से टैक्स लगाने का किया फैसला- India TV Hindi
सरकार ने GST के तहत छोटे ढाबों और रेस्टोरेंट पर 5% की दर से टैक्स लगाने का किया फैसला

नई दिल्ली। GST परिषद ने शनिवार को छोटे ढाबों और रेस्टोरेंट पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगाने का फैसला किया है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने शनिवार को बताया कि 50 लाख रुपए से कम की आमदानी वाले रेस्टोरेंट पर अब 5 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा।

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि

यह मांग थी कि छोटे कारोबार वाले रेस्तरां पर निपटान के लिये एक खास योजना शामिल की जाए। इसीलिए परिषद ने फैसला किया है कि 50 लाख रुपए सालाना तक का कारोबार करने वाले रेस्तरां को इस योजना में रखा जाएगा और उन पर 5 फीसदी की दर से कर लगाया जाएगा। इससे अधिक कारोबार करने वाले रेस्तरां पर सेवा कर की सामान्य दर लगेंगी।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा

सी-जीएसटी और आई-जीएसटी संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंजूरी के लिये रखे जाएंगे। दूसरा चरण गुरूवार नौ मार्च से शुरू हो रहा है।

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GST दर 40 फीसदी तक किए जाने की व्यवस्था

जेटली ने कहा कि मॉडल जीएसटी कानून में वस्तु एवं सेवा कर की शिखर दर को 40 फीसदी तक (20 फीसदी केंद्र और उतना ही राज्यों द्वारा) किए जाने की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन जीएसटी की प्रभावी दरों को पूर्व में मंजूर 5, 12, 18 और 28 फीसदी पर ही रखा जाएगा।

जीएसटी परिषद की बैठक में मिली मंजूरी

  • दिल्ली में हुई अधिकार संपन्न जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्रीय GST (CGST) और एकीकृत जीएसटी (IGST) के मसौदे को मंजूरी दी गयी।

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16 मार्च को होगी अगली बैठक 

  • परिषद की अगली बैठक 16 मार्च को होगी जिसमें राज्य जीएसटी तथा केंद्र शासित जीएसटी (UT GST) संबंधी विधेयकों के मसौदों को अंतिम रूप दिया जाना है।
  • सी-जीएसटी केंद्र को उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के जीएसटी में समाहित होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी लगाने का अधिकार देगा। वहीं आई-जीएसटी अंतर-राज्यीय बिक्री पर लागू होगा।
  • आपको बता दें कि राज्य जीएसटी विधेयक को प्रत्येक राज्य की विधानसभा में पारित कराना होगा।
  • वहीं यूटी-जीएसटी मंजूरी के लिये संसद में रखा जाएगा।
  • वैट और राज्य में लगने वाले अन्य करों के जीएसटी में समाहित होने के बाद एस-जीएसटी राज्यों को कर लगाने की अनुमति देगा।

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