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CAG ने 534 करोड़ रुपए के गैर-जरूरी खर्च को लेकर FCI की खिंचाई की, जूट की बोरियों और परिवहन में किया था खर्च

 Edited By: Manish Mishra
 Published : Apr 04, 2018 10:08 am IST,  Updated : Apr 04, 2018 10:08 am IST

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 534 करोड़ रुपए के गैर-जरूरी खर्च को लेकर FCI की खिंचाई की है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने यह राशि जूट की बोरियां खरीदने और खाद्यान्‍न के परिवहन में खर्च की।

FCI- India TV Hindi
CAG pulls up FCI for incurring avoidable expense of Rs 534 crore

नई दिल्ली नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 534 करोड़ रुपए के गैर-जरूरी खर्च को लेकर FCI की खिंचाई की है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने यह राशि जूट की बोरियां खरीदने और खाद्यान्‍न के परिवहन में खर्च की। CAG ने पंजाब में बोरियों के प्रबंधन में अनियमितता और पूर्वोत्तर राज्यों में भंडार के एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में समुचित योजना का अभाव पाया।

ऑडिटर ने लोकसभा में पेश अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि एफसीआई के कामकाज के संदर्भ में अनुपालन आडिट में पाया गया कि निगम ने 534.04 करोड़ रुपए गैर-जरूरी खर्च किए। यह खर्च निर्देशों का अनुपालन नहीं करने तथा बोरियों की खरीद तथा अनाज के परिवहन में कुशल योजना की कमी का नतीजा है।

बोरियों के प्रबंधन के संदर्भ में कैग ने कहा कि एफसीआई के पंजाब क्षेत्र ने 2012-13 से 2016-17 के दौरान 1,147.53 करोड़ रुपए मूल्य के 25.87 करोड़ जूट की बोरियां खरीदी।

आडिट में कैग ने पाया कि एफसीआई राज्य सरकार की एजेंसियों को बोरियां खरीद के लिये दी गयी अग्रिम राशि पर 223.58 करोड़ रुपए का ब्याज वसूलने में नाकाम रहा। साथ ही बोरियों के लिये निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान किया गया।

कैग पंजाब के चार जिलों के मार्च 2017 को समाप्त पांच साल के खातों की जांच की। राज्य में कुल खरीद में इन चारों राज्यों की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत है। ऑडिट का मकसद यह पता लगाना था कि क्या मांग और खरीद वास्तविक जरूरतों के मुताबिक थे।

एफसीआई 2.86 करोड़ रुपए कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से भी वसूल नहीं पाया। वह खराब, छोटे आकार के तथा बारिश से प्रभावित बोरियों के संदर्भ में लंबित दावों के लिए उपयुक्त कदम उठाने में विफल रहा।

इसके अलावा ऑडिटर ने पाया कि एफसीआई ने बैंक गारंटी के मुद्दे का सत्यापन राज्य सरकार से नहीं किया। इससे गारंटी फी के रूप में 145.74 करोड़ रुपए की राशि का रीम्‍बर्समेंट अनियमित तौर पर हुआ। असम तथा एनईएफ शिलांग क्षेत्र में खाद्यान्‍न के परिवहन के ऑडिट में कैग ने पाया कि एफसीआई ने 117.10 करोड़ रुपए का गैर-जरूरी खर्च किया। एनईएफ शिलांग क्षेत्र में मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम शामिल हैं।

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