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चालू वित्‍त वर्ष के अंत तक BSE सेंसेक्‍स पहुंचेगा 28,800 अंक के स्‍तर पर, सिटीग्रुप ने जताया अनुमान

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jun 04, 2016 01:13 pm IST,  Updated : Jun 04, 2016 01:13 pm IST

बेहतर मानसून की भविष्यवाणी से उत्साहित सिटीग्रुप ने मार्च 2017 को समाप्त होने वाले वित्तवर्ष में बीएसई सूचकांक के लक्ष्य को बढ़ाकर 28,800 अंक किया है।

चालू वित्‍त वर्ष के अंत तक BSE सेंसेक्‍स पहुंचेगा 28,800 अंक के स्‍तर पर, सिटीग्रुप ने जताया अनुमान- India TV Hindi
चालू वित्‍त वर्ष के अंत तक BSE सेंसेक्‍स पहुंचेगा 28,800 अंक के स्‍तर पर, सिटीग्रुप ने जताया अनुमान

मुंबई। निगमित आय में सुधार और बेहतर मानसून की भविष्यवाणी से उत्साहित सिटीग्रुप ने मार्च 2017 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में बीएसई सूचकांक सेंसेक्‍स के लक्ष्य को बढ़ाकर 28,800 अंक किया है। सिटीग्रुप का मानना है कि वित्त वर्ष के आखिर तक बीएसई का सूचकांक 28,800 अंक को छू जाएगा।

प्रमुख वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी सिटी ग्रुप ने वित्तवर्ष 2016-17 के लिए 30 शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्‍स के लिए पहले 27,000 का लक्ष्य निर्धारित किया था। सिटी ग्रुप की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वृहद आर्थिक संकेतक सुधार के संकेत दे रहे हैं और चौथी तिमाही के परिणाम बेहतर रहे हैं। इसके अलावा सिटी ग्रुप ने सेंसेक्स आधारित कंपनियों की आय में 14 फीसदी की वृद्धि का भी अनुमान व्यक्त किया है।

टैक्‍स संधि में बदलाव से FII के भारत छोड़ने की संभावना नहीं

मॉरीशस के साथ संशोधित टैक्‍स संधि के कारण एफआईआई के भारत के छोड़ने की संभावना कम है। इसके उलट विदेशी निवेश प्रवाह कुछ महीनों के लिए वास्तव में बढ़ सकता है, क्योंकि निवेशक 31 मार्च 2017 की समयसीमा से पहले और निवेश कर लाभ उठा सकते हैं। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

सेंट्रम वेल्थ रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा, एफआईआई के भारत छोड़ने की संभावना कम है और मॉरीशस के साथ डीटीएए में जोड़े गए नए उपबंध के कारण लंबे समय से जो खरीदारी की है, उसे नहीं छोड़ेंगे। सिंगापुर तथा अन्य कर पनाहगाह वाले देशों के साथ संधि में इसी अनुबंध के जुड़ने की संभावना भी कोई बड़ी चिंता नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, तात्कालिक रूप से भारत में एफआईआई में वृद्धि देखने को मिल सकती है, क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कर लाभ लेना चाहते हैं और एक अप्रैल 2017 से संशोधित संधि लागू होने से पहले टैक्‍स लाभ उठाना चाहते हैं।

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