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कोड़ा ने जिंदल की कंपनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन सुनिश्चित करने को सिफारिश की थी: कोर्ट

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : May 01, 2016 01:44 pm IST,  Updated : May 01, 2016 01:44 pm IST

अदालत ने कहा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लॉक का आवंटन नवीन जिंदल के समूह की कंपनी को मिले इसकी सिफारिश की थी।

Coal Scam: कोड़ा ने जिंदल की कंपनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन सुनिश्चित करने को सिफारिश की थी: कोर्ट- India TV Hindi
Coal Scam: कोड़ा ने जिंदल की कंपनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन सुनिश्चित करने को सिफारिश की थी: कोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कोयला मंत्रालय से अनुशंसा करके इस बात को सुनिश्चित किया था कि समूचे अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लॉक का आवंटन आरोपी उद्योगपति नवीन जिंदल के समूह की कंपनी को मिले। अदालत ने यह बात जिंदल, कोड़ा, पूर्व कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव एवं पांच कंपनियों समेत 12 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश जारी करते हुए कही।

अदालत ने कहा कि इस स्थिति में प्रथम दृष्टया कोड़ा का व्यवहार जिंदल और कोड़ा के बीच सहमति को दिखाता है। झारखंड सरकार की ओर से कोयला ब्लॉक के आवंटन की सिफारिश आरोपी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड और गगन स्पोंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में की जा सके। अदालत ने इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, भरोसे के आपराधिक हनन के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने कहा कि हालांकि यह दलील दी गई है कि कोड़ा ने महज उप-समूह की सिफारिश के आधार पर काम किया, लेकिन अभियोजन पक्ष के गवाह आदित्य स्वरूप के बयान तथा कोड़ा के पूर्व के व्यवहार को देखने के बाद प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कोड़ा ने यह सुनिश्चित किया कि अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लॉक पर कोयला मंत्रालय की अनुशंसा केवल नवीन जिंदल समूह की कंपनियों के पक्ष में हो।

अदालत ने इस बात पर गौर किया कि झारखंड तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा गठित तीन सचिवों के एक उप-समूह ने कुछ निश्चित मापदंड तय करने के बाद कुछ कंपनियों को कोयला ब्लाक देने की सिफारिश की। आरोप तय करने के आदेश जारी करते हुए अदालत ने कहा, जब कथित फाइल को अनुमति के लिए मधु कोड़ा के सामने रखा गया तब तत्काल उन्होंने कहा कि वह अपनी राजनीतिक मजबूरियों के चलते इस अनुशंसा में कुछ परिवर्तन करना चाहते हैं।

अदालत ने कहा कि इसके बाद उन्होंने खुद से यह कथित परिवर्तन किए जबकि झारखंड के मुख्य सचिव एवं सचिवों ने ये बदलाव करने से इनकार कर दिया था। हालांकि कोयला मंत्रालय को राज्य सरकार की ओर से अनुशंसा करने के मामले में मधु कोड़ा ने अपने पद का दुरूपयोग किया या नहीं इस पर अदालत मामले की सुनवाई के दौरान गौर करेगी। फिलहाल अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप तय करने के लिए 11 मई की तारीख नियत की है।

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