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नोटबंदी भ्रष्ट लोगों के खिलाफ थी न कि उच्च वर्ग के, नीति आयोग उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कही ये बात

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 30, 2018 07:03 pm IST,  Updated : Nov 30, 2018 07:03 pm IST

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम से असहमति जताते हुए शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी भ्रष्ट लोगों के खिलाफ थी न कि उच्च वर्ग के।

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demonetisation Image Source : DEMONETISATION

नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यम से असहमति जताते हुए शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी भ्रष्ट लोगों के खिलाफ थी न कि उच्च वर्ग के। सुब्रमण्‍यम की किताब ऑफ काउंसल: द चैलेंजेज ऑफ द मोदी-जेटली इकोनॉमी जल्दी ही प्रकाशित होने वाली है। इस पुस्तक में नोटबंदी की आलोचना करते हुए इसे बहुत ही कठोर मौद्रिक झटका बताया गया है, जिससे आर्थिक वृद्धि में गिरावट तेज हुई। 

उद्योग मंडल सीआईआई के स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन के दौरान अलग से बातचीत में कुमार ने कहा, कि मैंने रिपोर्ट देखी है जिसमें सुब्रमण्‍यम के हवाले से कहा गया है कि नोटबंदी उच्च वर्ग के खिलाफ थी। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने उच्च वर्ग शब्द का उपयोग क्यों किया। यह कदम उन लोगों के खिलाफ था जिन्होंने भ्रष्ट और गलत तरीके से धन जमा करके रखा था। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मेरे दोस्त अरविंद इन लोगों को देश के उच्च वर्ग के अंतर्गत रख रहे हैं क्योंकि मेरा मानना है कि इस देश का उच्च वर्ग ईमानदार, कड़ी मेहनत और कानून पालन करने वाला है।  

सुब्रमण्‍यम ने हाल में लिखे लेख में कहा कि नोटबंदी की गुत्थी का एक ही उत्तर है कि गरीब लोग अपनी मुश्किलों को नजरंअदाज करने को तैयार थे। वे यह जानते थे कि धनवान और गलत तरीके से संपत्ति प्राप्त करने वालों को ज्यादा मुश्किलें होंगी। उन्होंने लिखा है कि उनकी सोच थी कि मेरी तो बकरी गई लेकिन उनकी तो गाएं गईं।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काला धन, नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार के खिलाफ आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपए के नोटों को चलन से हटाने का फैसला किया था। इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि सरकार पूरी आबादी के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े को डिजिटल रूप देना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी तथा निजी क्षेत्र के अस्पतालों को आधुनिक प्रौद्योगिकी स्वीकार करने की जरूरत है। 

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