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NSEL मामले में ED ने जब्त किए 135 करोड़ रुपए के म्‍यूचुअल फंड्स, PMLA के तहत चल रही है जांच

 Written By: Manish Mishra
 Published : Feb 16, 2017 09:56 am IST,  Updated : Feb 16, 2017 10:40 am IST

ED ने NSEL (नेशनल स्‍पॉट एक्‍सचेंज लिमिटेड) स्कैम में कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग होने की जांच के सिलसिले में 135 करोड़ रुपये मूल्य के म्यूचुअल फंड्स जब्त किए हैं।

NSEL मामले में ED ने जब्त किए 135 करोड़ रुपए के म्‍यूचुअल फंड्स, PMLA के तहत चल रही है जांच- India TV Hindi
NSEL मामले में ED ने जब्त किए 135 करोड़ रुपए के म्‍यूचुअल फंड्स, PMLA के तहत चल रही है जांच

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NSEL (नेशनल स्‍पॉट एक्‍सचेंज लिमिटेड) स्कैम में कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग होने की जांच के सिलसिले में 135 करोड़ रुपये मूल्य के म्यूचुअल फंड्स जब्त किए हैं। ED के जोनल ऑफिस ने फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (FTIL) के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रोविजनल ऑर्डर जारी किए थे। FTIL अब मेसर्स 63 मूंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड नाम से जानी जाती है।

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ED ने कहा

  • 63 मूंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के कब्जे में जो 135 करोड़ के बांड्स थे, उनको अस्‍थाई तौर पर जब्त कर लिया गया है।
  • मामले में कुल 2191 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।
  • जांच में पता चला है कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) डिफॉल्टर के लिए एक प्लेटफॉर्म की तरह काम कर रहा था और कई तरह की फीस और पेनाल्टी के जरिए कमाई कर रहा था।
  • ऐसे पेपर ट्रांजैक्शन के जरिए 2008-09 से 2013-14 के बीच NSEL की सकल आय 1,112.03 करोड़ रुपए रही थी।
  • इसके पोर्टल पर जो ट्रेड होते थे, उसकी कीमत के बराबर का सामान अलग नहीं रखा जाता था और इस बात की जानकारी NSEL के एग्जिक्यूटिव्स को होती थी।

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FTIL पर कसा ED का शिकंजा

  • मामले में FTIL के रोल के बारे में ED ने कहा कि सभी सर्कुलर पर बोर्ड मीटिंग में चर्चा होती थी।
  • NSEL के बोर्ड में FTIL के टॉप मैनेजमेंट के लोग थे।
  • NSEL में 99.99% शेयरहोल्डिंग होने के चलते NSEL के हर कामकाज में FTIL का पूरा दखल था।
  • वह NSEL के बोर्ड में डायरेक्टर्स अप्वाइंट करती थी और उनके जरिए कंपनी के कामकाज पर कंट्रोल रखती थी।
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