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नोटबंदी पर RBI के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने सरकार की तारीफ करते हुए बताए पांच फायदे

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Nov 17, 2016 10:51 am IST,  Updated : Nov 17, 2016 10:51 am IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गर्वनर डी सुब्बाराव ने नोटबंदी के फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा इससे बैंकों के पास बड़ी तादाद में पैसा आएगा।

नोटबंदी पर RBI के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने सरकार की तारीफ करते हुए बताए पांच फायदे- India TV Hindi
नोटबंदी पर RBI के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने सरकार की तारीफ करते हुए बताए पांच फायदे

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गर्वनर डी सुब्बाराव ने नोटबंदी के फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा इससे बैंकों के पास बड़ी तादाद में पैसा आएगा। इससे बैंक के कॉस्ट ऑफ फंड में कमी आएगी। ऐसे में बैंक लोन की ब्याज दरें घटा सकते है। आपको बता दें कि डी सुब्बाराव 2008 से 2013 तक आरबीआई के गवर्नर रहे थे। उन्होंने नोटबंदी के पांच फायदे गिनाएं है।

पहला फायदा: बैंक घटा सकते हैं ब्याज दरें

  • आरबीआई के पूर्व गवर्नर सुब्बाराव के अनुसार नोटबंदी बैंकों की ब्याज दर कम हो सकती है।
  • सुब्बाराव के अनुसार आरबीआई द्वारा कोई नई राहत दिए बिना भी इस फैसले की वजह से बैंकों का कॉस्ट ऑफ फंड कम होगा जिससे वो लोन पर ब्याज दर कम कर सकते हैं। और अगर बैंक लोन पर ब्याज की दर कम करेंगे तो अर्थव्यवस्था में ज्यादा निवेश होगा।

दूसरा फायदा: आम आदमी के लिए सस्ते हो जाएंगे मकान

  • सुब्बाराव इस समय सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज (आईएसएएस) में विजिटिंग फेलो हैं।
  • आईएसएएस की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख में उन्होंने कहा है कि ‘रियल एस्टेट’ में सबसे ज्यादा कालाधन लगा हुआ है।
  • नोटबंदी से इस सेक्टर पर काफी असर पड़ सकता है।
  • सुब्बाराव मानते हैं कि नोटबंदी के बाद नकद कालाधन के खात्मे के बाद जमीन-मकान इत्यादि की कीमतों और किराए में कमी आ सकती है।

तीसरा फायदा: सरकारी खजाना बढ़ेगा

  • कालेधन का अर्थ है वो पैसा जिसके बारे में आयकर विभाग को जानकारी न दी गई हो।
  • कालाधन ऐसा पैसा है जिस पर इनकम टैक्स नहीं चुकाया गया है।
  • सुब्बाराव मानते हैं कि नोटबंदी के बाद अघोषित आय पर लगाए गए टैक्स और जुर्माने से सरकारी खजाने में बड़ी राशि आ सकती है।
  • सुब्बाराव कहते हैं कि ये राशि कितनी होगी ये बहस का विषय हो सकती है लेकिन इतना तय है कि सरकार बैंकों में जमाराशि पर कड़ी नजर रखेगी।

चौथा फायदा: बढ़ेगा निवेश

  • सरकार नोटबंदी से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.5 प्रतिशत (65 हजार करोड़ रुपये) टैक्स के रूप में पा सकती है।
  • इससे वित्तीय कनसॉलिडेशन बढ़ेगा और सरकार इस पैसे का उपयोग आधारभूत ढांचे को विकसित करने में कर सकती है।
  • इसके अलावा नोटबंदी से नकदी राशि के बाहर आने से प्राइवेट सेक्टर में भी निवेश बढ़ सकता है।

पांचवा फायदा: कारोबारी सहूलियत बढ़ेंगी

  • सुब्बाराव मानते हैं कि थोड़े समय के लिए भले ही नोटबंदी से समस्या हो लेकिन थोड़े समय बाद इसके फायदे दिख सकते हैं।
  • सुब्बाराव मानते हैं कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की एक तरह से सफाई भी होगी जिससे बचत और निवेश पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
  • अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आने से कारोबारी सहूलियत बढ़ेगी।
  • निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा।
  • इससे भारत की उत्पादन क्षमता भी बढ़ सकती है।
  • सुब्बाराव के अनुसार परंपरागत तौर पर सोने और जमीन-मकान के तौर पर संपत्ति जमा करने वाले भारतीय इसके बाद वित्तीय बचत की तरफ बढ़ सकते हैं जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
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