1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सिंगापुर के साथ कर संधि में संशोधन पर बातचीत करेगा भारत: जेटली

सिंगापुर के साथ कर संधि में संशोधन पर बातचीत करेगा भारत: जेटली

 Written By: Sachin Chaturvedi
 Published : May 16, 2016 05:00 pm IST,  Updated : May 16, 2016 05:00 pm IST

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सिंगापुर के साथ पूंजीगत लाभ कर प्रावधानों को लागू करने के लिए उसके साथ कर संधि पर फिर से बातचीत करनी होगी।

मॉरिशस के बाद अब सिंगापुर से बातचीत करेगा भारत, कर संधि में संशोधन पर होगी बातचीत- India TV Hindi
मॉरिशस के बाद अब सिंगापुर से बातचीत करेगा भारत, कर संधि में संशोधन पर होगी बातचीत

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सिंगापुर के साथ पूंजीगत लाभ कर प्रावधानों को लागू करने के लिए उसके साथ कर संधि पर फिर से बातचीत करनी होगी। मारीशस के साथ हाल में हुई संधि में पूंजीगत लाभ कर प्रावधानों को शामिल किया गया है। फिर से बातचीत के लिए कोई समयसीमा दिए बिना उन्होंने कहा, यह (सिंगापुर) एक अलग संप्रभु देश है, मारीशस के साथ संधि वास्तव में स्वत: अन्य देशों पर लागू नहीं होती। इन सिद्धांतों को लागू किया जाएगा लेकिन इसे फिर से बातचीत की प्रक्रिया के जरिए लागू किया जाएगा।

इंडियन वुमन प्रेस कोर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि, यह प्रक्रिया देर-सबेर प्रक्रिया शुरू होगी और उसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है। भारत ने 10 मई को मारीशस के साथ 34 साल पुरानी कर संधि में संशोधन किया। एक दशक की मशक्कत के बाद संधि में संशोधन किया गया जिसमें भारत अगले अप्रैल से मारीशस के रास्ते शेयरों में होने वाले निवेश पर पूंजी लाभ कर लगाएगा। मारीशस के साथ संधि में संशोधन होने के बाद अब सिंगापुर के साथ भी इसी प्रकार की कर संधि की बात उठी है।

यह भी पढ़ें- मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का असर, भारत बना सबसे तेज ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्था: जेटली

जेटली ने कहा, मैं कोई समयसीमा नहीं दे रहा क्योंकि आपको याद होगा कि मारीशस संधि के लिए पहली बार बातचीत की प्रक्रिया 1996 में शुरू हुई थी और यह 2002 तक जारी रही। उसके बाद उस पर विराम लग गया। सिंगापुर 2005 में आया और अब जो प्रावधान मारीशस संधि में शामिल किया गया है, उसे वहां भी लगाया जाएगा। भारत में पिछले वर्ष अप्रैल-दिसंबर में कुल 29.4 अरब डॉलर का एफडीआई आया जिसमें मारीशस और सिंगापुर का योगदान 17 अरब डॉलर रहा। मंत्री ने कहा कि चूंकि दो संप्रभु देशों के बीच बातचीत होनी है, ऐसे में वह एकतरफा समय सीमा तय नहीं कर सकते।

यह भी पढ़ें- पैसे कमाने वालों को चुकाना चाहिए टैक्स, मारीशस संधि में संशोधन से एफडीआई घटने की आशंका नहीं: जेटली

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा