1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. विदेशों से अपने देश सबसे ज्यादा डॉलर भेजते हैं भारतीय, चीन दूसरे नंबर पर

विदेशों से अपने देश सबसे ज्यादा डॉलर भेजते हैं भारतीय, चीन दूसरे नंबर पर

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 23, 2018 02:52 pm IST,  Updated : Apr 23, 2018 02:52 pm IST

विदेश में बसे अपने देश के लोगों से धन प्राप्त करने में भारत शीर्ष स्थान पर कायम रहा है। विश्व बैंक ने सोमवार को कहा कि 2017 में विदेश में बसे भारतीयों ने अपने घर - परिवार के लोगों को 69 अरब डॉलर भेजे

India tops world remittance payments- India TV Hindi
India tops world remittance payments China at 2nd spot

नई दिल्ली। विदेश में बसे अपने देश के लोगों से धन प्राप्त करने में भारत शीर्ष स्थान पर कायम रहा है। विश्व बैंक ने सोमवार को कहा कि 2017 में विदेश में बसे भारतीयों ने अपने घर - परिवार के लोगों को 69 अरब डॉलर भेजे ( रेमिटेंस ) जो इससे पिछले साल की तुलना में 9.9 प्रतिशत अधिक है। विश्व बैंक की रपट में कहा गया है कि 2017 में विदेश में बसे भारतीयों ने देश में 69 अरब डॉलर भेजे। यह इससे पिछले साल की तुलना में अधिक है , लेकिन 2014 में प्राप्त 70.4 अरब डॉलर के रेमिटेंस से कम है।

रपट में कहा गया है कि यूरोप , रूस और अमेरिका में वृद्धि से रेमिटेंस में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। यहां गौरतलब है कि कई गरीब देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए रेमिटेंस बड़ा सहारा होता है। विश्व बैंक का कहना है कि कच्चे तेल के ऊंचे दाम तथा यूरो और रूबल में आई मजबूती से रेमिटेंस बढ़ा है। 

रपट में बताया गया है कि समीक्षाधीन अवधि में जहां भारत को 69 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला , वहीं 64 अरब डॉलर के साथ चीन दूसरे स्थान पर रहा। फिलिपींस को 33 अरब डॉलर , मेक्सिको को 31 अरब डॉलर , नाइजीरिया को 22 अरब डॉलर और मिस्र को 20 अरब डॉलर रेमिटेंस से मिले। भारत को 2015 में 68.91 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला था , जो 2016 में घटकर 62.74 अरब डॉलर पर आ गया था। 

विश्व बैंक का अनुमान है कि आधिकारिक रूप से कम और मध्यम आय वाले देशों को 2017 में 466 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला। यह 2016 के 429 अरब डॉलर से 8.5 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक स्तर पर रेमिटेंस 2017 में सात प्रतिशत बढ़कर 613 अरब डॉलर पर पहुंच गया , जो 2016 में 573 अरब डॉलर रहा था। रपट में कहा गया है कि कम और मध्यम आय वाले देशों को रेमिटेंस 2018 में 4.1 प्रतिशत बढ़कर 485 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। वहीं वैश्विक स्तर पर यह 4.6 प्रतिशत बढ़कर 642 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा