1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. जेपी एसोसिएट्स का एकाउंट हुआ NPA, बैंक कर सकते हैं SDR प्रावधानों का उपयोग

जेपी एसोसिएट्स का एकाउंट हुआ NPA, बैंक कर सकते हैं SDR प्रावधानों का उपयोग

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jul 01, 2016 06:32 pm IST,  Updated : Jul 01, 2016 06:47 pm IST

एसबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि जेपी एसोसिएट्स को दिया गया कर्ज NPA (गैर-निष्‍पादित संपत्ति) वर्गीकृत किया गया है।

जेपी एसोसिएट्स का एकाउंट हुआ NPA, बैंक ले सकते हैं कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में- India TV Hindi
जेपी एसोसिएट्स का एकाउंट हुआ NPA, बैंक ले सकते हैं कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में

मुंबई। बैंकों द्वारा कर्ज के बोझ से दबे जयप्रकाश एसोसिएट्स की बहुलांश हिस्‍सेदारी अपने नियंत्रण में लेने की खबरों के बीच शुक्रवार को एसबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि जेपी एसोसिएट्स को दिया गया कर्ज NPA (गैर-निष्‍पादित संपत्ति) वर्गीकृत किया गया है। इस संबंध में रणनीतिक ऋण पुनर्गठन (एसडीआर) प्रावधानों को उपयोग में लाने के बारे में बैंक जल्द बैठक करेंगे।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जेपी कुछ समय पहले ही एनपीए बना है। उसने कहा कि जेपी को देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने 7,000 करोड़ रुपए का कर्ज दे रखा है। अधिकारी ने कहा बैंकों का संयुक्‍त मंच (जेएलएफ) की जल्‍द ही बैठक होगी, जिसमें एसडीआर प्रावधानों को उपयोग में लाने के बारे में निर्णय किया जाएगा, इसमें कंपनी पर बहुलांश नियंत्रण हासिल करना भी शामिल है।

यह टिप्पणी इस रिपोर्ट के बाद आई है कि निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक की अगुवाई वाले जेएलएफ ने एसडीआर मार्ग के तहत अपने कर्ज को बहुलांश मालिकाना हक में बदलने का फैसला किया है। यह भी बताया जा रहा है कि बैंकों ने मंगलवार को हुई बैठक में यह निर्णय इसलिए लिया क्‍योंकि जेपी के सीमेंट कारोबार को 15,900 करोड़ रुपए में आदित्‍य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्‍ट्राटेक सीमेंट द्वारा खरीदे जाने को लेकर अनिश्चितता है। अल्‍ट्राटेक और जयप्रकाश एसोसिएट्स ने 31 मार्च को इस सौदे के लिए समझौते पर हस्‍ताक्षर किए थे। जेपी सीमेंट की पांच राज्‍यों में सीमेंट प्‍लांट हैं, जिनकी संयुक्‍त वार्षिक उत्‍पादन क्षमता 2.12 करोड़ टन है। जय प्रकाश एसोसिएट्स पर 31 मार्च की स्थिति के अनुसार कुल मिलाकर 58,250 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।

यह भी पढ़ें- जेपी समूह ने 4,460 करोड़ रुपए के ऋण भुगतान में की चूक, लगातार बढ़ रहा है वित्‍तीय दबाव

यह भी पढ़ें- SBI सहयोगी बैंकों के विलय पर सरकार को जल्‍द देगी विस्तृत योजना, 9 महीने में पूरा होना है काम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा