सुरक्षा ग्रुप ने अपने बयान में आगे कहा कि उन्होंने 3135 घरों वाले 31 टावरों के लिए पहले ही कब्जा प्रमाणपत्र (ओसी) प्राप्त कर लिया है।
कर्जदाताओं की एक समिति ने अडाणी ग्रुप, वेदांता लिमिटेड और डालमिया सीमेंट (भारत) सहित दावेदारों द्वारा प्रस्तुत समाधान योजनाओं (अधिग्रहण प्रस्तावों) पर मतदान किया।
जेएएल की ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने पिछले सप्ताह इन व्यापक समाधान योजनाओं पर विचार-विमर्श करने और उनकी व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के लिए बैठक की थी।
11 सितंबर को एंटीट्रस्ट नियामक को दी गई एक फाइलिंग में, वेदांता ने कहा है कि प्रस्तावित लेनदेन से "भारत में प्रतिस्पर्धा पर कोई उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।"
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की इलाहाबाद पीठ ने 3 जून, 2024 को जेपी एसोसिएट्स को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) में भेज दिया था।
अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) गुजरात स्थित अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी है। जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड एक इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप है, जो इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन, सीमेंट, पावर, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बिजनेस करती है।
पहले से ही गर्त में डूबे पड़े जेपी बिल्डर को यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बुधवार को एक और बड़ा झटका दे दिया।
जेपी ने कहा कि वह सभी अधूरी परियोजनाओं को तीन साल के भीतर पूरा करना चाहती है।
संकट से जूझ रहे जेपी समूह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कंपनी पर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का 108 करोड़ रुपए का बकाया है।
नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की एक रपट में कहा गया है कि आईआईएफसीएल ने खराब आकलन के आधार पर गलत समय में जेपी इंफ्राटेक को 900 करोड़ रुपये का ऋण दिया।
जेपी समूह नोएडा में अपने अधर में लटके 24 हजार फ्लैट को करीब आठ हजार करोड़ रुपए के खर्च से 2020 तक बनाने व उपभोक्ताओं को उन्हें मुहैया कराने का लक्ष्य तय कर रही है।
सीके बिड़ला समूह की कंपनी ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड जेपी समूह की कंपनियों से भिलाई जेपी सीमेंट तथा निग्री सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट का अधिग्रहण करेगी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 6 बिल्डरों की 17 परियोजनाओं की भवन योजना को रद्द कर दिया है।
CCI ने जमीन-जायदाद के विकास से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में जेपी समूह की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स के खिलाफ जांच का आदेश दिया है।
कर्ज में डूबी Jaypee समूह ने 2.12 करोड़ टन सालाना सीमेंट संपत्ति का बिक्री मूल्य बढ़ाकर 16,189 करोड़ रुपए कर दिया।
एसबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि जेपी एसोसिएट्स को दिया गया कर्ज NPA (गैर-निष्पादित संपत्ति) वर्गीकृत किया गया है।
जेपी समूह की कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। समूह ने करीब 4,460 करोड़ रुपए के ऋण और अन्य भुगतान में चूक या डिफॉल्ट किया है।
Jaypee Group ने गुरुवार को कुमार मंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाले अल्ट्राटेक को अपना आंशिक सीमेंट बिजनेस 15,900 करोड़ रुपए में बेचने की घोषणा की है।
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