मुंबई। नकदी संकट से जूझ रही इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एण्ड फाइनेंसियल सविर्सिज (आईएल एण्ड एफएस) के निदेशक मंडल की शनिवार को आपात बैठक हुई जिसमें कंपनी को मौजूदा नकदी संकट से उबारने के तौर तरीकों पर विचार किया गया।
आईएल एण्ड एफएस निदेशक मंडल की हुई आपात बैठक में समझा जाता है कि उसके सबसे बड़े शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने कंपनी के आगामी राइट इश्यू में निवेश करने और कंपनी को कुछ कार्यशील पूंजी कर्ज देने पर सहमति जताई है। आईएल एण्ड एफएस में एलआईसी की 25.34 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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इस बीच सूत्रों ने बताया कि एलआईसी के प्रबंध निदेशक हेमंत भार्गव ने आईएल एण्ड एफएस के गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वह उसके बोर्ड में निदेशक के तौर पर बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक आईएलएफएस ने एलआईसी के पूर्व चेयरमैन एस बी माथुर को नया गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया है। कंपनी को अपने शेयरधारकों से 3,000 करोड़ रुपये की त्वरित पूंजी की आवश्यकता है।
आईएल एण्ड एफएस के प्रमुख शेयरधारकों, एलआईसी, स्टेट बैंक और एचडीएफसी ने कंपनी की इससे पहले हुई बैठक में शर्त रखी थी कि कंपनी में कोई भी नया धन देने से पहले कंपनी को अपनी संपत्तियों अथवा गैर-प्रमुख व्यवसाय के जरिये धन जुटाना होगा।