1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सरकार के इस कदम से प्‍याज की कीमतों में जल्‍द आएगी कमी, 2000 टन प्याज का आयात करेगी एमएमटीसी

सरकार के इस कदम से प्‍याज की कीमतों में जल्‍द आएगी कमी, 2000 टन प्याज का आयात करेगी एमएमटीसी

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Nov 22, 2017 08:16 pm IST,  Updated : Nov 22, 2017 08:16 pm IST

आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश रखने के लिए एमएमटीसी 2,000 टन प्याज का आयात करेगी, जबकि नाफेड और एसएफएसी स्थानीय स्तर पर 12,000 टन का खरीद करेगी।

सरकार के इस कदम से प्‍याज की कीमतों में जल्‍द आएगी कमी, 2000 टन प्याज का आयात करेगी एमएमटीसी- India TV Hindi
सरकार के इस कदम से प्‍याज की कीमतों में जल्‍द आएगी कमी, 2000 टन प्याज का आयात करेगी एमएमटीसी

नई दिल्ली। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश रखने के लिए सरकारी उपक्रम एमएमटीसी 2,000 टन प्याज का आयात करेगी, जबकि नाफेड और एसएफएसी स्थानीय स्तर पर 12,000 टन का खरीद करेगी।

उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक बार फिर से वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है कि प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए प्याज पर 700 डॉलर प्रति टन का निर्यात आधार मूल्य फिर से लागू करे। देश के अधिकांश खुदरा बाजार में प्याज की सीमित आपूर्ति के कारण इसकी कीमत बढ़कर 50 से 65 रुपए प्रति किलो हो गई है। पासवान ने कहा कि हमने नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ) से 10,000 टन की खरीद करने को कहा है और एसएफएसी (लघु कृषक कृषि-व्यवसाय कंसोर्टियम) से सीधे किसानों से 2,000 टन की खरीद करने तथा उपभोक्ता क्षेत्रों में इसे बेचने को कहा है। हमने एमएमटीसी को 2,000 टन का आयात करने को कहा है।

अगस्त के महीने से प्याज की कीमतों पर दबाव है, लेकिन वे अब अपने शीर्ष पर हैं और सरकार की हरसंभव कोशिश बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने की है। निजी व्यापारियों ने जहां पिछले कुछ महीनों में 11,400 टन प्याज का आयात किया है। अब सरकारी एजेंसी एमएमटीसी दो किस्तों में 2,000 टन का आयात करने के लिए जल्द ही निविदा जारी करेगी। पासवान ने कहा कि निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह प्याज पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) को पुन: लागू करें जिसे दिसंबर 2015 में समाप्त कर दिया गया था।

इस बीच, वाणिज्य मंत्रालय 700 – 800 डॉलर प्रति टन का एमईपी फिर से लागू करने की तैयारी कर रहा है। उसने इस मामले पर निर्यातकों और अन्य अंशधारकों से पहले ही उनका नजरिया जान लिया है। देश ने अब प्याज के आयात का रास्ता अख्तियार किया है क्योंकि पहली का फसल खत्म हो चुकी है और नई खरीफ फसल, जिसे खेतों से निकाला जा रहा है, के कम रहने की संभावना है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा