सनातन धर्म में हनुमान चालीसा का विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस चालीसा का सच्चे मन से पाठ करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस चालीसा के अंदर कुल 40 चौपाइयां हैं, जिसमें हनुमान जी के गुणों और उनके द्वारा किए गए महान कार्यों का गुणगान किया गया है। इसके रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी हैं। ये चालीसा अवधि भाषा में 16वीं शताब्दी में लिखी गई थी। जब भी कोई श्रद्धालु इस चालीसा का पाठ करता है तो उसके मन में ये सवाल जरूर आता है कि इसे कितनी बार और कब-कब पढ़ना चाहिए। आज हम आपके इसी सवाल का जवाब देंगे हमारे इस खास आर्टिकल में।
हनुमान चालीसा कब पढ़नी चाहिए?
वैसे तो हनुमान चालीसा का पाठ कभी भी किया जा सकता है, लेकिन इसे पढ़ने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। इसी कारण से ज्यादातर श्रद्धालु इन दो दिन तो हनुमान चालीसा जरूर ही पढ़ते हैं। बाकी अगर इसे पढ़ने के समय की बात करें तो धर्म शास्त्रों में सुबह 4 से 6 बजे का समय हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
हनुमान चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
शास्त्रों अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ दिन में 100 बार करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लेकिन अगर 100 बार हनुमान चालीसा पढ़ना संभव न हो तो आप कम से कम 1, 7, 11 या 21 बार तो इसका पाठ जरूर ही करें। कहते हैं ऐसा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
हनुमान चालीसा पढ़ने के फायदे
- हनुमान चालीसा पढ़ने से नकारात्मक उर्जा दूर होती है।
- संकट में रक्षा होती है।
- घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
- घर को किसी की बुरी नजर नहीं लगती।
- जीवन में सकारात्मक उर्जा बनी रहती है।
- भय, दुख, दर्द, चिंता, नकारात्मक ऊर्जाओं और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।
- आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है।
- शनि से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है।
हनुमान चालीसा कैसे पढ़ें?
हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। फिर भगवान गणेश की वंदना करें। साथ ही भगवान राम का ध्यान करें। इसके बाद स्वच्छ आसन पर बैठकर सच्चे मन से हनुमान चालीसा पढ़ें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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