चंद्र पर्वत को हस्तरेखा शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्वत आपकी मानसिक स्थिति, विदेश यात्राओं, अर्थ, कलात्मक क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा के बारे में काफी कुछ बताता है। इस पर्वत पर बने कुछ निशान बेहद शुभ माने जाते हैं। इन निशानों के होने से व्यक्ति को धन लाभ और ख्याति मिलने के योग बनते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन चिह्नों के बारे में।
चंद्र पर्वत पर तारे का निशान
अगर आपकी हथेली पर तारे का निशान बना है तो समझ जाइए जीवन में ख्याति आपको मिल सकती है। तारे का निशान जितना स्पष्ट होगा उतने ही सुखद परिणाम व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में मिल सकते हैं। तारे का निशान हाथ में होने से अचानक से ख्याति व्यक्ति को सामाजिक स्तर पर मिल सकती है। यह निशान व्यक्ति को अच्छा वक्ता भी बना सकता है, जिसके चलते राजनीति और मीडिया के क्षेत्र में भी ये लोग प्रतिष्ठी पा सकते हैं। आर्थिक रूप से ऐसे लोग ज्यादातर संपन्न होते हैं।
हथेली पर त्रिशूल का निशान
हथेली पर त्रिशूल का निशान होना भी शुभ संकेत है। जिन लोगों की हथेली पर त्रिशूल होता है उन्हें दूरदर्शी और स्पष्टतावादी माना जाता है। ऐसे लोग साहित्य और कला के क्षेत्रों में उलब्धियां हासिल कर सकते हैं। वहीं नौकरी और कारोबार में भी इनको उच्च पद मिलने की संभावना रहती है। ऐसे लोग अपनी रचनात्मकता के कारण समाज में मशहूर हो सकते हैं। इन लोगों की एक खूबी यह भी होती है कि ये सामने वाले की भावनाओं को बहुत अच्छे से पढ़ सकते हैं। त्रिशूल का निशान व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा का प्रतीक भी माना जाता है।
चंद्र पर्वत पर मछली का निशान
अगर हथेली में चंद्र पर्वत पर रेखाओं के जरिए मछली का निशान बनता है तो यह भी शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे लोग देश-विदेश में अपने काम के बल पर नाम कमा सकते हैं। ऐसे लोगों को अचानक से जीवन में सफलता मिलने के योग बनते हैं। ऐसे लोगों को कारोबार में भी अच्छा मुनाफा हो सकता है और साथ ही नौकरी करने पर भी ये उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे लोगों के पास प्रचुर मात्रा में धन-संपदा हो सकती है।
चंद्र पर्वत पर बने ऊपर बताए गए निशान व्यक्ति को शुभ परिणाम देते हैं। इसके साथ ही चंद्र पर्वत से पता चलता है कि आप विदेश जा पाएंगे या नहीं। इस बारे में विस्तार से आप हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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