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नायडू ने राज्यों से रीयल एस्टेट नियमों को जल्द लागू करने को कहा, सरकार के पास केवल 10 दिन का समय

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Apr 20, 2017 09:07 pm IST,  Updated : Apr 20, 2017 09:07 pm IST

नायडू ने कहा कि राज्य सरकारें रीयल एस्टेट नियमों को अधिसूचित करने की समय सीमा को देखते हुए इस दिशा में जल्द कदम उठाएंगी और रीयल्टी कानून को लागू करेंगी।

नायडू ने राज्यों से रीयल एस्टेट नियमों को जल्द लागू करने को कहा, सरकार के पास केवल 10 दिन का समय- India TV Hindi
नायडू ने राज्यों से रीयल एस्टेट नियमों को जल्द लागू करने को कहा, सरकार के पास केवल 10 दिन का समय

नई दिल्ली। केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री एम. वैंकया नायडू ने विश्वास जताया कि राज्य सरकारें रीयल एस्टेट नियमों को अधिसूचित करने की समय सीमा को देखते हुए इस दिशा में जल्द कदम उठाएंगी और रीयल्टी कानून को लागू करेंगी। इस कानून को लागू करने के लिए केवल दस दिन का समय बचा है। रीयल एस्टेट (नियमन और विकास) विधेयक को राज्य सभा ने पिछले साल दस मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च को पारित कर दिया था।

नायडू ने इस कानून को उपभोक्ताओं और उद्योगों के हित में दूरगामी फायदे वाला बताते हुए कहा कि कानून की करीब 60 धाराओं को पिछले साल एक मई से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष बची 32 धाराओं को भी कल शाम को अधिसूचित कर दिया गया है और ये भी अगले महीने की पहली तारीख से प्रभाव में आ जाएंगी। नायडू ने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में किराया आवासों के बारे में एक नीति को जल्द ही केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नीति को प्रवासियों, छात्रों, कामकाजी एकल महिलाओं और अन्य लोगों की आवास की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लाया जा रहा है।

नायडू ने कहा, हमने एक राष्ट्रीय शहरी किराया आवास नीति 2017 तैयार की है। इसे मंजूरी के लिये जल्द ही मंत्रिमंडल के समक्ष लाया जायेगा। विचार विमर्श की प्रक्रिया पूरी हो गई है और मसौदा तैयार हो गया है। यह नीति इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है कि शहरी क्षेत्रों में 30 प्रतिशत आबादी किराए के मकान में रहती है और एक तिहाई शहरीकरण में प्रवासियों की ही मुख्य भूमिका है। इसके विपरीत वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक 1.10 करोड़ मकान खाली पड़े हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह नीति सरकार के वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास उपलब्ध कराने के सरकार के मिशन की अनुपूरक होगी।

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