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BSNL-MTNL के विलय पर संसदीय समिति ने लोकसभा में पेश की रिपोर्ट, दिए कई अहम सुझाव

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Mar 17, 2017 08:16 am IST,  Updated : Mar 17, 2017 08:49 am IST

भाजपा सांसद भगत सिंह कोशयारी की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में BSNL-MTNL के विलय का सुझाव दिया है।

BSNL-MTNL के विलय पर संसदीय समिति ने लोकसभा में पेश की रिपोर्ट, दिए कई अहम सुझाव- India TV Hindi
BSNL-MTNL के विलय पर संसदीय समिति ने लोकसभा में पेश की रिपोर्ट, दिए कई अहम सुझाव

नई दिल्ली। संसद की एक समिति ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL-MTNL के विलय का सुझाव दिया है। इसका मतलब साफ है कि MTNL खत्म होकर BSNL रह जाएगी। भाजपा सांसद भगत सिंह कोशयारी की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने गुरुवार को लोकसभा में पेश की अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया है। इसके अनुसार समिति का मानना है कि इन कंपनियों की दीर्घकालिक सफलता के लिए विलय एक अच्छा प्रस्ताव हो सकता है।

पेश हुई रिपोर्ट 

  • संसदीय समिति (पेटीशंस) ने सरकार को सुझाव दिया कि वह महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के मर्जर की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक्‍सपर्ट कमिटी गठित करे।
  • संसदीय समि‍ति ने गुरुवार को लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की। मर्जर होने के बाद ये दोनों कंपनियां प्राइवेट प्‍लेयर्स के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो पाएंगे और इनसे कम्‍पीट कर पाएंगी। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मर्जर के चलते इन इनकी सर्विस में भी काफी सुधार होगा।

मर्जर के अलावा ये भी हैं ऑप्शंस

  • मर्जर के अलावा पैनल ने सुझाव दिया है कि टेक्‍नोलॉजिक एडवासंमेंट और नेटवर्क इम्‍प्रूवमेंट करने के साथ ही वन-टाइम फंड इन कंपनियों को दिया जाए। ताकि दोनों कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार हो सके।
  • गिरते मार्केट शेयर को बेहतर स्थिति में लाने के लिए पैनल ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट को प्रोफेशनल्‍स के साथ चर्चा करने का सुझाव दिया है।

बातचीत हुई तेज

  • BSNL और MTNL के अधिकारियों ने फिर से विलय को लेकर टेलीकॉम विभाग के अधिकारियों ने बातचीत शुरू कर दी है।
  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों कंपनियों पर दबाव है इसलिए सरकार कंपनियों के विलय पर विचार कर रही है।
  • दूरसंचार क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण इन इकाइयों के सामने भारी वित्तीय दबाव है।
  • बीएसएनएल ने पहले चरण में गुड़गांव, नोएडा व फरीदाबाद में एमटीएनएल के मोबाइल परिचालन को लेने की इच्छा जताई है।
  • इन इलाकों में बीएसएनएल की लैंडलाइन व ब्रॉडबैंड सेवाए हैं।
  • अन्य विकल्प मुंबई व दिल्ली में एमटीएनएल के मोबाइल परिचालन का अधिग्रहण है।
  • एमटीएनएल इन दो महानगरों में सेवाएं देती है जबकि शेष भारत में बीएसएनएल का परिचालन है।
  • इन कंपनियों के विलय का प्रस्ताव बहुत साल पहले तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन ने रखा था।

MTNL दिल्ली और मुंबई में देती है सर्विस

  •  एमटीएनएल दिल्ली और मुंबई में ऑपरेट करता है जबकि बीएसएनएल देश के अन्य भागों में अपनी सेवा प्रदान करता है। 61,622 मोबाइल टावर्स के साथ बीएसएनएल सभी टेलिकॉम सर्विस ऑपरेटरों में दूसरा सबसे बड़ा पोर्टफोलियो है
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