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मुकेश अंबानी की Reliance ने किया बड़ा ऐलान, O2C बिजनेस के लिए इस साल बनेगी एक नई कंपनी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 23, 2021 12:42 pm IST,  Updated : Feb 23, 2021 12:42 pm IST

रिलायंस ने कहा कि नई इकाई में पेट्रो केमिकल, गैस, फ्यूल रिटेलिंग जैसे कारोबार शामिल होंगे। कंपनी ने कहा Demerger से O2C कारोबार में नए मौके तलाशने में मदद मिलेगी।

Reliance Industries Mukesh Ambani company announced demerger of O2C business new subsidiary for oil - India TV Hindi
Reliance Industries Mukesh Ambani company announced demerger of O2C business new subsidiary for oil gas see details Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Amabni) के नेतृत्‍व वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd : RIL) ने अपने ऑयल-टू-केमीकल्‍स (O2C) बिजनेस को समूह से अलग करने और इसके लिए एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली नई इकाई बनाने की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि वित्‍त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही तक O2C कारोबार के लिए नई कंपनी की स्‍थापना कर ली जाएगी। नई कंपनी का नाम रिलायंस O2C लिमिटेड होगा। रिलायंस ने कहा कि वह इस नई कंपनी में 20 प्रतिशत हिस्‍सेदारी साऊदी अरब की ऑयल कंपनी अरामको (Aramco) को बेचेगी और उसे अपना भागीदार बनाएगी।  

रिलायंस ने कहा कि नई इकाई में पेट्रो केमिकल, गैस, फ्यूल रिटेलिंग जैसे कारोबार शामिल होंगे। कंपनी ने कहा Demerger से O2C कारोबार में नए मौके तलाशने में मदद मिलेगी। इस डीमर्जर को वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही तक सभी मंजूरी मिलने की संभावना है। RIL इस नई सब्सिडियरी को 10 साल के लिए लोन देगी। कंपनी द्वारा नई सब्सिडियरी को 25 अरब डॉलर का लोन दिया जाएगा। इस लोन की रकम से सब्सिडियरी O2C कारोबार खरीदेगी। हालांकि O2C कारोबार का लोन RIL के पास ही रहेगा।

आरआईएल (RIL) ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में कहा है कि उसके ओ2सी बिजनेस के प्रस्‍तावित रिऑर्गेनाइजेशन से कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्‍ट्रक्‍चर में कोई बदलाव नहीं आएगा। शेयर होल्डिंग पहले की तरह ही बनी रहेगी। कंपनी में प्रमोटर ग्रुप की हिस्‍सेदारी 49.14 प्रतिशत, घरेलू व्‍यक्तिगत निवेशकों (सार्वजनिक) की हिस्‍सेदारी 12.54 प्रतिशत, विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की हिस्‍सेदारी 24.49 प्रतिशत और अन्‍य हिस्‍सेदारी 13.83 प्रतिशत के स्‍तर पर ही रहेगी।

नई ओ2सी इकाई की रिलायंस बीपी मोबिलिटी में 51 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी। बीपी के पास शेष 49 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी। रिलायंस सिबूर एलास्‍टोमर्स प्रा. लि. में भी ओ2सी की 74.9 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी, जबकि शेष 25.1 प्रतिशत हिस्‍सेदारी सिबूर के पास होगी। नई इकाई के पास रिलायंस ग्‍लोबल एनर्जी सर्विसेस सिंगापुर लि., रिलायंस ग्‍लोबल एनर्जी सर्विसेस लि. (यूके) और रिलायंस इथेन पाइपलाइन लि. में 100 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी।  

RIL ने  कहा कि कंपनी को पहले से ही रिऑर्गेनाइजेशन के लिए सेबी से अनुमति मिल चुकी है। हालांकि कंपनी को इक्विटी शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स के साथ ही मुंबई और अहमदाबाद के एनसीएलटी बेंचेस और आयकर अथॉरिटी से क्लीयरेंस मिलना बाकी है।

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