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ये कार कंपनी जनवरी से अपनी कारें 2 प्रतिशत तक कर देंगी महंगी, खरीदने वालें हैं तो पहले जान लें अपडेट

 Published : Dec 12, 2025 03:47 pm IST,  Updated : Dec 12, 2025 03:47 pm IST

रुपये की कमजोरी का हवाला देते हुए कार कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इससे पहले बीएमडब्ल्यू इंडिया ने भी कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बाकी कंपनियां भी आने वाले दिनों में इस तरह का ऐलान कर सकती हैं।

वाहनों की कीमतों में वृद्धि की योजना उद्योग में बढ़ते लागत दबावों को दर्शाता है। - India TV Hindi
वाहनों की कीमतों में वृद्धि की योजना उद्योग में बढ़ते लागत दबावों को दर्शाता है। Image Source : PEXELS

अगर आप नए साल में कार खरीदने की तैयारी में हैं तो हो सकता है आपको महंगे दाम पर खरीदना पड़ जाए। इसी क्रम में मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया ने अपने वाहनों की कीमतों में जनवरी से अधिकतम 2% तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा कर दी है। खबर के मुताबिक, कंपनी ने बढ़ती परिचालन लागत और यूरो के मुकाबले भारतीय रुपये की लगातार कमजोरी को इस मूल्य संशोधन का मुख्य कारण बताया है। कंपनी के अनुसार, यह सीमित मूल्य वृद्धि 2025 में लग्जरी ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़े विदेशी मुद्रा दबावों को दर्शाती है।

कंपनियों के सामने की मुख्य चुनौतियां

  • कमजोर रुपया: कंपनी के एमडी और सीईओ, संतोष अय्यर के अनुसार, मुद्रा संबंधी चुनौतियां हमारी उम्मीद से अधिक समय तक बनी हुई हैं। यूरो लगातार ₹100 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे लंबी अवधि की अस्थिरता पैदा हुई है।
  • बढ़ती लागत: रुपये की कमजोरी आयातित पुर्जों (चाहे वह स्थानीय उत्पादन के लिए हों या पूरी तरह निर्मित CBU वाहनों के लिए) को महंगा बना रही है।
  • सप्लाई चेन पर दबाव: पुणे स्थित कंपनी ने बताया कि मौजूदा विदेशी मुद्रा परिदृश्य ने सप्लाई चेन में भारी लागत दबाव पैदा किया है।
  • अन्य इनपुट कॉस्ट: बढ़ती इनपुट लागत, कमोडिटी की कीमतें, लॉजिस्टिक खर्च और सामान्य मुद्रास्फीति भी कंपनी की लाभप्रदता पर दबाव डाल रही है।

कंपनी का रुख और ग्राहक राहत

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी लोकलाइज़ेशन रणनीति ने लागत वृद्धि के बड़े हिस्से को संतुलित करने में मदद की है, लेकिन परिचालन की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह मूल्य समायोजन आवश्यक हो गया है। ग्राहकों के लिए राहत की बात बताते हुए अय्यर ने कहा कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट में लगातार कटौती के कारण, मर्सिडीज़-बेंज़ फाइनेंशियल सर्विसेज ग्राहकों को ब्याज दरों में राहत दे पा रही है। इससे कीमत बढ़ोतरी का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

उद्योग का रुझान

मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया अकेली नहीं है जिसने लागत बढ़ने के कारण कीमतें बढ़ाई हैं। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले बीएमडब्ल्यू इंडिया ने भी रुपये की कमजोरी का हवाला देते हुए जनवरी से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि की योजना की घोषणा की थी, जो उद्योग में बढ़ते लागत दबावों को दर्शाता है। ऐसी संभावना भी है कि घरेलू कंपनियां भी इस कतार में जल्द ही खड़ी हो सकती हैं। लिहाजा कारें खरीदना नए साल की शुरुआत से ही महंगा हो सकता है।

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