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नौ राज्‍यों में रेल लाइन का होगा निर्माण, रेलवे खर्च करेगी 24,000 करोड़ रुपए

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Aug 24, 2016 07:23 pm IST,  Updated : Aug 24, 2016 07:23 pm IST

केंद्र सरकार ने ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को बढ़ावा देते हुए नौ राज्यों में 24,000 करोड़ रुपए की लागत वाली नौ रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी।

नौ राज्‍यों में रेल लाइन का होगा निर्माण, रेलवे खर्च करेगी 24,000 करोड़ रुपए- India TV Hindi
नौ राज्‍यों में रेल लाइन का होगा निर्माण, रेलवे खर्च करेगी 24,000 करोड़ रुपए

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को बढ़ावा देते हुए नौ राज्यों में 24,000 करोड़ रुपए की नौ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने रेलवे लाइन विस्तार की परियोजना को हरी झंडी दे दी। इसके तहत 1,937.38 किलोमीटर लंबी रेल लाइनों का विस्तार एवं निर्माण किया जाएगा, जिसपर 24,374.86 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।

जिन नौ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है उनमें नई बोंगईगांव और कामाख्या के बीच 176 किलोमीटर लंबी दूसरी रेल लाइन का निर्माण, खड़गपुर (नीमपुरा) और आदित्यपुर (झारखंड) के बीच 132 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और छत्तीसगढ़ में राजनंदगांव और महाराष्ट्र में नागपुर के बीच 228.3 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण शामिल है।

इसके अलावा मथुरा और झांसी के बीच 273.80 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन और झांसी तथा बीना के बीच 152.57 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इटारसी और नागपुर के लिए 280 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन तथा बल्‍लाशाह और काजीपेठ के बीच 201.04 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने विजयवाड़ा और गुडूर के बीच 287.68 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन और झारसुगुडा और बिलासपुर के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दे दी।

इन लाइनों के निर्माण से क्षेत्र में यातायात का दबाव तो कम होगा ही नई लाइनों के बनने से क्षेत्र में उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और उनकी माल परिवहन की समस्या भी दूर होगी। नई लाइनों के बनने से खाद्यान्न को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने, खनन, कोयला क्षेत्रों और बिजली संयंत्रों को भी अतिरिक्त परिवहन क्षमता उपलब्ध होगी। इससे रेलवे की आय बढ़ेगी। इन परियोजनाओं से 2020 तक रेलवे को 1.5 अरब टन माल परिवहन की क्षमता सृजित होगी।

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