पश्चिम रेलवे ने अपने सीनियर अधिकारियों की निगरानी में कई टिकट चेकिंग अभियान चलाए और इस दौरान बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री पकड़े गए।
भारतीय रेलवे को यूं ही देश की रीढ़ नहीं कहा जाता। रोजाना करोड़ों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि हर ट्रेन के डिब्बे के ऊपर एक 5 अंकों का नंबर लिखा होता है? अधिकतर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश की पहली बुलेट ट्रेन सर्विस 15 अगस्त, 2027 को शुरू होगी। ये अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला चरण होगा।
अगर आप रोजाना या अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। रेलवे ने यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। अब जनरल यानी अनारक्षित टिकट खरीदने पर यात्रियों को सीधे 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
घने कोहरे की वजह से सुबह से ही बेहद खराब विजिबिलिटी बनी हुई है और इस खराब विजिबिलिटी की वजह से आज दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कई फ्लाइट्स देरी से ऑपरेट हो रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन रूट पर 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और ये इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। बाकी 75 प्रतिशत रूट पर प्रमुख कंपोनेंट्स पहले ही लगाए जा चुके हैं।
रेलवे ने दिल्ली और वाराणसी के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिल सके। यह ट्रेन खासकर त्योहारों और भीड़ वाले समय में चलायी जाएगी। उत्तर रेलवे की जानकारी के अनुसार, यह एक्स्ट्रा सुपरफास्ट ट्रेन कुल 6 बार चलेगी।
भारतीय रेलवे ने साल 2025 में यात्रियों की सुविधा के मामले में एक नया इतिहास रच दिया। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और पीक ट्रैवल सीजन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने रिकॉर्ड स्तर पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया।
यह योजना उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों यातायात के लिए लागू की जाएगी और 48 प्रमुख शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना आदि) के स्टेशनों के लिए व्यापक योजना तैयार की जाएगी।
अगर आप अक्सर ट्रेन से लंबी दूरी का सफर करते हैं, तो आज से आपकी यात्रा की लागत में हल्का सा इजाफा हो सकता है। 26 दिसंबर 2025 से नई किराया व्यवस्था प्रभावी हो चुकी है, जिसका असर खासतौर पर लंबी दूरी की यात्राओं पर पड़ेगा।
एक तरह रेल मंत्रालय ने ट्रेनों के तय समय पर चलने की बात कही तो वहीं सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग राय दिखी। लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने नकारा तो कुछ ने कोहरे को जिम्मेदार माना।
भारतीय रेलवे ने साल के आखिर में यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। 26 दिसंबर 2025 से लागू होने वाले नए किराया ढांचे के तहत छोटी दूरी के यात्रियों को जहां राहत दी गई है, वहीं लंबी दूरी की यात्रा अब थोड़ी महंगी हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इससे रेलवे को कितना फायदा होगा?
नए साल से ठीक पहले रेलवे यात्रियों को एक बड़ा झटका लग सकता है। अगर आप अक्सर लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करते हैं, तो अब टिकट के लिए पहले से थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से नया किराया ढांचा लागू करने का फैसला किया है, जिसे बिना ज्यादा प्रचार के अधिसूचित किया गया है।
सर्दियों में घने कोहरे के कारण ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं और स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। अक्सर यात्री यही सोचते हैं कि लेट ट्रेन में उनका पैसा चला जाएगा, लेकिन रेलवे ने इसके लिए खास नियम बनाए हैं, जो आपको पूरा टिकट रिफंड दिला सकते हैं।
रेलवे का कहना है कि इस संबंध में कोई नया नियम या निर्देश जारी नहीं किया गया है, और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया दावा भ्रामक है। भारतीय रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुखद बनाने के लिए भी लगातार नई पहल कर रहा है।
देश की जीवनरेखा कही जाने वाली भारतीय रेल ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रेलवे विद्युतीकरण के मोर्चे पर भारत अब वैश्विक महाशक्तियों से कहीं आगे निकल चुका है।
भारत में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन काफी सारे लोगों को पता ही नहीं होता कि कितना सामान ले जा सकते हैं। भारतीय रेलवे ने एक बार फिर साफ किया है कि ट्रेन में सफर के दौरान कितना सामान ले जाना मुफ्त है और किस सीमा के बाद यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा।
देश के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आ रही है। अब यात्रियों को 10 घंटे पहले ही मालूम चल जाएगा कि ट्रेन में उनकी सीट कन्फर्म हुई या वेटिंग में ही रह गई है।
कोहरे में ट्रेन से यात्रा करते समय ये मालूम नहीं चल पाता है कि ट्रेन कहां से गुजर रही है। साफ मौसम में गुजरने वाले स्टेशन साफतौर पर दिख जाते हैं लेकिन कोहरे में स्टेशन का नाम दिखना काफी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय व्यंजन शुरू करने से यात्रियों का अनुभव काफी बेहतर होगा क्योंकि इससे यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने में उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद की झलक मिलेगी।
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