Sunday, January 04, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. शेयर बाजारों की जोरदार तेजी नहीं है अच्‍छी, SBI ने कहा वित्‍तीय स्थिरता के लिए है जोखिम

शेयर बाजारों की जोरदार तेजी नहीं है अच्‍छी, SBI ने कहा वित्‍तीय स्थिरता के लिए है जोखिम

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अप्रैल, 2020 में 28,000 था, जो फिलहाल 52,000 अंक के स्तर से अधिक पर है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Jun 22, 2021 02:54 pm IST, Updated : Jun 22, 2021 02:54 pm IST
SBI Economists says Indian cos' m-cap grew fastest last year, presents financial stability risk- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

SBI Economists says Indian cos' m-cap grew fastest last year, presents financial stability risk

नई दिल्‍ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि बीते साल दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट के बावजूद भारतीय कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में सबसे तेज वृद्धि हुई है। हालांकि, इस दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट आई। इससे देश की वित्तीय स्थिरता को लेकर जोखिम पैदा हो सकता है।

एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने नोट में कहा कि खुदरा निवेशकों ने बाजार में काफी रुचि दिखाई है। वित्त वर्ष 2020-21 में खुदरा निवेशकों की संख्या में 1.42 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। वहीं अप्रैल और मई में इनकी संख्या 44 लाख और बढ़ गई। देश के सबसे बड़े बैंक के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि इस दौरान शेयर बाजारों में वृद्धि की वजह यह रही है कि अन्य वित्तीय उत्पादों पर रिटर्न की दर कम है। साथ ही वैश्विक स्तर पर तरलता बेहतर हुई है। इसके साथ ही आवाजाही पर अंकुशों की वजह से लोग घर पर ज्यादा समय बिता रहे हैं, जिससे वे अधिक ट्रेडिंग कर रहे हैं।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अप्रैल, 2020 में 28,000 था, जो फिलहाल 52,000 अंक के स्तर से अधिक पर है। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि शेयर बाजारों में ऐसे समय बढ़त जबकि वास्तविक अर्थव्यवस्था में कोई उल्लेखनीय घटनाक्रम नहीं हो रहा है, से वित्तीय स्थिरता का मुद्दा पैदा हो सकता है। हमारे वित्तीय स्थिरता सूचकांक के अनुसार इसमें अप्रैल, 2021 में सबसे कम सुधार हुआ है।

यहां उल्लेखनीय है कि पूर्व में रिजर्व बैंक भी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी की वजह से वित्तीय स्थिरता के जोखिम का अंदेशा जता चुका है। नोट में कहा गया है कि बीते साल बीएसई में 1.8 गुना की बढ़ोतरी हुई, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। इस दौरान रूस के बेंचमार्क में 1.64 गुना, ब्राजील में 1.60 गुना और चीन में 1.59 गुना की वृद्धि हुई।

 

 

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement