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UIDAI ने भी किया आगाह, आधार नंबर ऑनलाइन साझा करते समय सावधानी बरतना है जरुरी

 Edited By: Manish Mishra
 Published : Mar 18, 2018 10:46 am IST,  Updated : Mar 18, 2018 10:46 am IST

आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लोगों को किसी भी सेवा का लाभ लेने के लिए इंटरनेट पर आधार जैसी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने के लिए कहा है।

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नई दिल्ली आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लोगों को किसी भी सेवा का लाभ लेने के लिए इंटरनेट पर आधार जैसी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने के लिए कहा है। गूगल पर मेरा आधार, मेरी पहचान सर्च करने पर कथित तौर पर आधार की पीडीएफ फाइल उपलब्ध होने की रिपोर्टें सामने आने के बाद UIDAI ने यह बयान जारी किया। संस्था ने दावा किया है कि इस मामले का आधार और उसके डेटाबेस से कोई संबंध नहीं है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने बयान में कहा कि जब लोग किसी सेवा प्रदाता या वेंडर से सेवा प्राप्त करने के लिए इंटरनेट पर आधार समेत अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा करते हैं तो इंटरनेट पर जानकारी डालते समय उन्हें सावधानियां बरतनी चाहिए।

आधार पहचान प्रणाली की मजबूती पर जोर देते हुए UIDAI ने कहा कि कुछ बेईमान लोग दूसरों का आधार कार्ड पोस्ट या प्रकाशित कर देते हैं लेकिन इसका UIDAI और आधार की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता है।

बयान में कहा गया है कि ये रिपोर्टें हकीकत से बहुत दूर हैं और आधार की सुरक्षा और उसके डेटाबेस से इसका कोई लेना- देना नहीं है क्योंकि कोई भी आधार कार्ड UIDAI के डेटाबेस से नहीं लिया गया है।

संस्था ने जोर देते हुए कहा कि अन्य पहचान पत्र की तरह ही आधार भी गोपनीय दस्तावेज नहीं है। UIDAI ने तर्क दिया है कि किसी के आधार कार्ड के बारे में थोड़ी सी जानकारी होना उस शख्स की पहचान के साथ छेड़छाड़ करके नई पहचान स्थापित करने के लिए काफी नहीं है क्योंकि इसके लिए बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण की जरुरत होती है।

मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, स्थायी खाता संख्या (पैन कार्ड), पासपोर्ट, परिवार से जुड़ी जानकारियों इत्यादि की तरह ही आधार को भी व्यक्तिगत जानकारी माना जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आधार को भी संरक्षित किया जाना चाहिए।

बयान में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी और व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, फोटो इत्यादि अनाधिकृत तौर पर प्रकाशित करता है तो संबंधित व्यक्ति उस शख्स के खिलाफ क्षतिपूर्ति का मुकदमा कर सकता है। हालांकि, इसमें कहा गया है कि इस तरह का प्रकाशन आधार और उसके डेटाबेस को प्रभावित नहीं करते हैं।

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